भोपाल: इंदौर में बीते दिनों सामने आए राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे देश को सन्न कर दिया था, जहाँ मेघालय में हनीमून के दौरान पत्नी सोनम रघुवंशी पर ही अपने पति की हत्या की साजिश रचने का संगीन आरोप लगा था। उसी इंदौर शहर से अब एक और वैसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ भी अवैध संबंधों के आड़े आ रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची और वारदात को अंजाम देने के बाद खुद थाने पहुंचकर गुमशुदगी की झूठी कहानी गढ़ दी। कानून के लंबे हाथों से आरोपी बच नहीं सके और अदालत ने अब इस मामले में कड़ी सजा सुनाकर सख्त संदेश दिया है।
शुरुआत में पुलिस इसे एक सामान्य गुमशुदगी का मामला मानकर जांच कर रही थी, लेकिन जावेद के परिजनों के बयानों ने पूरे केस की दिशा ही बदल दी। परिजनों ने पुलिस के सामने आशंका जताई कि रूखसाना का सद्दाम हुसैन नाम के एक शख्स के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है और वही जावेद की गुमशुदगी या हत्या के पीछे हो सकती है।
यह पूरी वारदात इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र की है। अप्रैल 2023 में रूखसाना नाम की महिला ने थाने पहुंचकर अपने पति जावेद मंसूरी की अचानक गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए मनगढ़ंत कहानी सुनाई कि उसके पति काम की तलाश में घर से निकले थे और उन्होंने रात को लौटते समय सब्जी लाने की बात कही थी। उनका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
संदेह के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच की रणनीति बदली और सभी संदिग्धों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और मोबाइल लोकेशन खंगालनी शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के आगे पत्नी का झूठा जाल बिखर गया। जांच में खुलासा हुआ कि 21 अप्रैल 2023 की रात रूखसाना ने अपने प्रेमी सद्दाम और उसके साथी शाकिर के साथ मिलकर जावेद की निर्मम हत्या कर दी थी। साक्ष्य मिटाने की नीयत से उन्होंने शव को ग्रीन पार्क कॉलोनी के एक सुनसान खाली मैदान में छिपा दिया और खुद बेकसूर बनने का नाटक करती रही।
अदालत में लगभग तीन साल तक चले कड़े ट्रायल के बाद आखिरकार न्याय हुआ। कोर्ट ने पेश किए गए वैज्ञानिक व तकनीकी सबूतों के आधार पर पत्नी रूखसाना, प्रेमी सद्दाम और सहयोगी शाकिर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि गुनाह चाहे कितना भी छिपाकर क्यों न किया जाए, कानून की निगाहों से बचना नामुमकिन है।