यूपी चुनाव से पहले BSP में बड़ा फेरबदल, मायावती ने अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाला

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले बसपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव हुआ है. मायावती ने अपने समधी अशोक सिद्धार्थ और वरिष्ठ नेता रणधीर सिंह बेनीवाल को जिम्मेदारियां वापस लेने के बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया.

Date Updated Last Updated : 02 August 2026, 02:45 PM IST
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिला है.  बता दें, पार्टी प्रमुख मायावती ने सख्त कदम उठाते हुए अपने समधी और पार्टी नेता अशोक सिद्धार्थ के साथ-साथ वरिष्ठ नेता एवं कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. इससे पहले दोनों नेताओं से उनकी संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी वापस ले ली गई थीं.

किसने पास थी कौन सी जिम्मेदारी 

पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अशोक सिद्धार्थ के पास दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल का प्रभार था, जबकि रणधीर सिंह बेनीवाल पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के संगठनात्मक कार्य देख रहे थे. जिम्मेदारियां वापस लेने के बाद दोनों को पार्टी से बाहर करने का फैसला लिया गया. 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर क्या तैयारी 

इसी बीच मायावती ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत बयान जारी कर आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति भी स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के चयन का अंतिम अधिकार उनके पास ही रहेगा. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठकों के दौरान वह स्वयं संभावित उम्मीदवारों का इंटरव्यू ले रही हैं और अब तक दो दर्जन से अधिक उम्मीदवारों के नाम तय किए जा चुके हैं. वहीं बाकी सीटों पर भी उम्मीदवारों का फैसला वही करेंगी.

आकाश आनंद पर दी प्रतिक्रिया 

मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद को लेकर चल रही चर्चाओं और अफवाहों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके अधिकार और भूमिका को लेकर कई तरह की भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं, जिनमें कोई सच्चाई नहीं है. बसपा प्रमुख के मुताबिक, आकाश आनंद पार्टी के निर्देशानुसार विभिन्न राज्यों में संगठन की समीक्षा बैठकें और जनसभाएं कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश में भी वह केवल उन उम्मीदवारों की घोषणा के लिए जनसभाओं में शामिल हो रहे हैं, जिनके नाम पार्टी नेतृत्व पहले ही तय कर चुका है. 

भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने की दी सलाह  

उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका आकाश आनंद के संगठनात्मक कद में किसी तरह की बढ़ोतरी या कमी से कोई संबंध नहीं है और न ही उम्मीदवारों के चयन का अधिकार उन्हें दिया गया है. मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार और अफवाहों से सतर्क रहें. उन्होंने कहा कि कुछ शरारती और जातिवादी तत्व जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए कार्यकर्ता केवल पार्टी के आधिकारिक बयान और निर्देशों पर ही भरोसा करें.

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