पटना: बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेज प्रताप यादव को फिलहाल राहत मिलती नजर नहीं आ रही है. पटना सिविल कोर्ट की अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी आरती उपाध्याय की अदालत ने सोमवार को तेज प्रताप यादव और छात्र नेता अभय आत्मन सिंह की नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई पूरी करने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है. अदालत का फैसला आने तक लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप को पटना की बेऊर जेल में ही रुकना पड़ेगा.
राजनीतिक द्वेष का आरोप
तेज प्रताप यादव के वकील ने कहा कि पुलिस ने राजनीतिक द्वेष के तहत उनके मुवक्किल पर झूठा मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है. बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि तेज प्रताप पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्होंने किसी को हिंसा के लिए नहीं उकसाया था. इसके साथ ही बचाव पक्ष ने तेज प्रताप के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्हें नियमित जमानत पर रिहा करने की गुहार लगाई. सरकारी वकील ने जमानत याचिका का जोरदार विरोध करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें गांधी मैदान थाना अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. हिरासत में रहने के दौरान पूर्व मंत्री ने सीने में दर्द, ब्लड प्रेशर और शुगर की समस्या की शिकायत भी की थी.
गंभीर धाराओं में दर्ज है केस
यह पूरा मामला 25 जुलाई को वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा आयोजित 'बिहार बंद' के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है. कथित परीक्षा धांधली और तत्कालीन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन में तेज प्रताप यादव शामिल हुए थे. गांधी मैदान थाना पुलिस ने इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), 121(1), 121(2) और 132 (सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने और हमला करने) के तहत कांड संख्या 400/2026 दर्ज किया है. पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी काम में बल प्रयोग कर बाधा डाली और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया.
विधायक संदीप सौरभ की जमानत पर 1 अगस्त को सुनवाई
इसी मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में, पटना सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) मनीष कुमार उपाध्याय ने भाकपा माले विधायक संदीप सौरभ और एक दर्जन से अधिक अन्य छात्रों की जमानत अर्जी पर सुनवाई की. अदालत ने पुलिस से सभी आरोपियों का आपराधिक इतिहास और घायलों की इंजरी रिपोर्ट मांगी है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 1 अगस्त को होगी.