नई दिल्ली: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के रावलकोट में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं. स्थानीय लोगों के विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाबलों की कथित फायरिंग के बाद पूरे इलाके में हिंसा फैल गई. इस घटना में कई लोगों की मौत होने की खबर है, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन तेज कर दिए. हालात को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है, जबकि संचार सेवाओं पर भी कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रावलकोट में बड़ी संख्या में लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे. इसी दौरान पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया. आरोप है कि हालात बिगड़ने पर सुरक्षाबलों ने फायरिंग की, जिसमें कई लोगों की जान चली गई. जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) का दावा है कि केवल रावलकोट में ही कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है. हालांकि कुछ अन्य रिपोर्टों में मृतकों की संख्या इससे अधिक बताई जा रही है. फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
घटना के बाद जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने हाथ से लिखी एक सूची साझा की है, जिसमें मृतकों के नाम शामिल होने का दावा किया गया है. सूची के अनुसार उस्मान नजीर, काशिफ, मोहम्मद इब्राहिम, अर्सल असगर, हनीफ मोहम्मद बशीर, वसीम अफजल, बासित शाह और साबिर खान सहित कई लोगों की इस घटना में मौत हुई है. संगठन का कहना है कि प्रदर्शन पूरी तरह लोगों की मांगों को लेकर था, लेकिन हालात अचानक हिंसक हो गए, जिसके बाद फायरिंग की घटना सामने आई.
रावलकोट और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के अन्य हिस्सों में जून की शुरुआत से ही विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. कई बार लोगों ने धरना दिया, बाजार बंद रखे और सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित रहा. स्थानीय संगठनों का कहना है कि लंबे समय से विभिन्न मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है. इन प्रदर्शनों के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस या अर्धसैनिक बलों के बीच झड़पें भी हुई हैं. पहले हुई ऐसी घटनाओं में भी लोगों के घायल होने और कुछ सुरक्षा कर्मियों की मौत की खबरें सामने आ चुकी हैं.
प्रदर्शन कर रहे लोगों की कई मांगें हैं. इनमें स्थानीय विधानसभा में आरक्षित 12 सीटों की व्यवस्था समाप्त करना, क्षेत्र के लोगों को अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना, गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा करना तथा बिजली, महंगाई और अन्य आर्थिक समस्याओं का समाधान शामिल है. प्रदर्शनकारी बेहतर प्रशासन और स्थानीय लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि लंबे समय से इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, बढ़ते विरोध को देखते हुए पाकिस्तान ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं. इसके अलावा मोबाइल नेटवर्क और अन्य संचार सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं. बताया जा रहा है कि क्षेत्र के बाहर फोन कॉल करने पर भी कई तरह की पाबंदियां लागू की गई हैं. केवल विशेष अनुमति मिलने पर ही कुछ लोगों को संपर्क की सुविधा दी जा रही है. साथ ही, आम नागरिकों की आवाजाही पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है.