अतीक के बेटे अबान की कार से सिगरेट, सिग्नेचर गुटखा और अंग्रेजी किताबें बरामद, जांच में नए खुलासे

अबान अपने कुछ दोस्तों के साथ झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई से मिलने के इरादे से निकला था, लेकिन भीषण सड़क हादसे में उनकी जान चली गई। घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने गाड़ी से कई चीजें बरामद किए।

Date Updated Last Updated : 07 August 2026, 11:11 AM IST
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Courtesy: pinterest

लखनऊ: कानपुर-झांसी हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के पास शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। इस हादसे में पूर्व सांसद और माफिया रह चुके अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद और उसके साथी सोनू की मौत हो गई, जबकि कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। बताया जा रहा है कि अबान अपने कुछ दोस्तों के साथ झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई से मिलने के इरादे से निकला था, लेकिन रास्ते में ही यह हादसा उसकी जान ले गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति और ग्रामीण एसपी अरविंद कुमार ने पुष्टि की कि गाड़ी की स्पीड सामान्य से कहीं ज्यादा थी, इस बात की तस्दीक कार में सवार एक घायल यात्री ने भी की है।

कैसे हुआ हादसा

पुलिस और चश्मदीदों के मुताबिक ड्राइवर ने सामने से आ रही किसी गाड़ी से टकराने से बचने के लिए अचानक स्टीयरिंग घुमाया, लेकिन तेज रफ्तार होने के कारण क्रेटा कार से नियंत्रण छूट गया और वह सीधे सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। 

हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े। दीपक यादव, रमाकांत गौतम और ग्राम प्रधान ब्रजेश यादव समेत कई स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत कर क्षतिग्रस्त गाड़ी से घायलों और मृतकों को बाहर निकाला। घायलों को तुरंत मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, वहीं मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए।

जांच में मिले अहम सुराग

घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने गाड़ी की तलाशी में गुटखे की पुड़िया, सिगरेट का पैकेट, दो किताबें जिनमें एक अंग्रेजी की भी थी, एक जोड़ी जूते, चार जोड़ी चप्पलें और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब बरामद फोनों की कॉल डिटेल्स और डेटा खंगालने में जुटी है, ताकि हादसे से पहले की गतिविधियों की पूरी तस्वीर सामने आ सके।

परिवार का विवादों भरा इतिहास

प्रयागराज निवासी अबान, अतीक अहमद का सबसे छोटा बेटा और अहजम का जुड़वां भाई था। अतीक के दो बड़े बेटे उमर और अली फिलहाल प्रदेश की अलग-अलग जेलों में बंद हैं, जबकि तीसरा बेटा असद उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी होने के चलते अप्रैल 2023 में झांसी में ही एसटीएफ मुठभेड़ में मारा गया था। इस ताजा हादसे ने एक बार फिर परिवार से जुड़े पुराने प्रकरणों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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