वृंदावन के ओमैक्स मॉल में दर्दनाक हादसा, शटरिंग के मलबे में दबे 3 मजदूरों की मौत

मथुरा के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल वृंदावन में शुक्रवार सुबह उस समय गहरा शोक छा गया, जब एक बड़े निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के दौरान भीषण हादसा हो गया, जिसमें तीन मजदूरों की मौत की मौत हो गई।

Date Updated Last Updated : 21 August 2026, 01:32 PM IST
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Courtesy: AI generated

लखनऊ: मथुरा के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल वृंदावन में शुक्रवार सुबह उस समय गहरा शोक छा गया, जब एक बड़े निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के दौरान भीषण हादसा हो गया। रुकमणि विहार स्थित गोल चक्कर के पास बन रहे ओमैक्स मॉल में अचानक शटरिंग भरभराकर गिर गई। इस भयानक दुर्घटना में तीन मजदूरों की मौके व इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि एक मजदूर जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और प्रशासनिक टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग निर्माण कार्य की सुरक्षा मानकों की जांच में जुट गए हैं।

तीन की मौत और एक की हालत नाजुक

बचाव दल ने मलबे में फंसे चारों लोगों को बाहर निकाला। हादसे में मारे गए मजदूरों की पहचान पश्चिम बंगाल के कूच बिहार निवासी रफ्यूल (28 वर्ष) व आलम (30 वर्ष), और नेपाल के जिला कैलाली निवासी शिवराम (42 वर्ष) के रूप में हुई है। 

चौथे मजदूर दिलदार सिंह (45 वर्ष), जो पश्चिम बंगाल के ही रहने वाले हैं, के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है।

सुबह-सुबह ढह गया लेंटर, मलबे में दबे मजदूर

रुकमणि विहार में पिछले तीन वर्षों से ओमैक्स मॉल का निर्माण कार्य बेहद जोर-शोर से चल रहा है। रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह करीब सात बजे भी मजदूर अपने काम में पूरी निष्ठा से लगे हुए थे। अचानक तीसरी और चौथी मंजिल के पास कंक्रीट ढलाई के दौरान शटरिंग संतुलन खो बैठी और तेज आवाज के साथ नीचे आ गिरी। 

पलक झपकते ही वहां काम कर रहे चार मजदूर मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास काम कर रहे अन्य कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों ने तुरंत राहत बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं।

जांच में जुटा प्रशासन

एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि मलबे में कुल चार ही लोग दबे थे, जिन्हें बाहर निकाल लिया गया है। साइट पर आम तौर पर 50 से अधिक मजदूर काम करते हैं, लेकिन सुबह के वक्त वहां केवल पांच लोग ही मौजूद थे। गनीमत यह रही कि एक मजदूर दुर्घटना से ठीक कुछ देर पहले किसी काम से थोड़ा दूर चला गया था, जिससे उसकी जान बाल-बाल बच गई। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग निर्माण कार्य की सुरक्षा मानकों की जांच में जुट गए हैं।

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