6 साल बाद आया औरैया दोहरे हत्याकांड का फैसला, पूर्व MLC कमलेश पाठक समेत 10 को उम्रकैद

उत्तर प्रदेश के औरैया के चर्चित दोहरे हत्याकांड में करीब छह साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है. पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 आरोपित दोषी ठहराए गए हैं. कोर्ट ने सभी को उम्रकैद और जुर्माने की सजा दी है.

Date Updated Last Updated : 19 August 2026, 05:42 PM IST
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Courtesy: AI Generated

औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया के चर्चित दोहरे हत्याकांड में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने छह साल बाद बुधवार को पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत 10 आरोपितों को दोषी ठहराया. अदालत ने सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा के साथ 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. फैसले के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी.

यह मामला 15 मार्च 2020 का है. औरैया शहर के नरायनपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में दिनदहाड़े गोलीबारी हुई थी. इस घटना में अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की गोली लगने से मौत हो गई थी. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी. मामले में हत्या के अलावा पुलिस पर जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट से जुड़े केस भी दर्ज किए गए थे. पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत कई आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इसके बाद से यह मामला औरैया के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा.

छह साल तक चली अदालत में सुनवाई

विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में दोहरे हत्याकांड और उससे जुड़े मामलों की सुनवाई लंबे समय तक चली. अभियोजन पक्ष ने अपनी बात साबित करने के लिए अदालत में 32 गवाह पेश किए. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से सफाई में 39 गवाहों के बयान कराए गए. मामले में एक नाबालिग आरोपित भी शामिल था. उसका केस किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिया गया है, जहां उसकी सुनवाई अलग से चल रही है.

प्राणघातक हमले के केस में 6 आरोपित बरी

दोहरे हत्याकांड में दोषसिद्धि के अलावा पुलिस की ओर से दर्ज प्राणघातक हमले के मुकदमे में अदालत ने छह आरोपितों को बरी कर दिया. इनमें सत्येंद्र मिश्रा उर्फ डब्बू, राजेंद्र कुमार बाजपेई, रामचंद्र मिश्रा, आलोक चतुर्वेदी, शुभम दुबे और हरगोविंद उर्फ गुड्डू शामिल हैं. इस केस में आरोपित रवि चतुर्वेदी की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है. फैसले को देखते हुए न्यायालय परिसर में पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. पूर्व एमएलसी को उम्रकैद की सजा मिलने की खबर के बाद उनके समर्थकों में भी सन्नाटा छा गया.

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