पंजाब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज होशियारपुर जिले के हल्का टांडा के अंतर्गत आने वाले गाँव भट्ठलां में आयोजित एक विशाल 'लोक मिलनी' जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने जहाँ पंजाब के दर्दनाक अतीत को याद करते हुए बेअदबी और गोलीकांड की घटनाओं के दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने का संकल्प दोहराया, वहीं महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कई ऐतिहासिक नीतिगत योजनाओं की घोषणा की.
मुख्यमंत्री ने भावुक और कड़े शब्दों में कहा कि पंजाब ने इतिहास में कई गहरे जख्म सहे हैं. वर्ष 1947 में विभाजन का दंश, फिर 1984 के दंगों की त्रासदी और उसके बाद के दशकों में पिछली सरकारों तथा स्वार्थी राजनेताओं द्वारा की गई चौतरफा लूट ने राज्य को भारी नुकसान पहुँचाया. उन्होंने कहा, "परमात्मा ने पंजाब को उपजाऊ भूमि, प्रचुर जल संसाधन, बेहतरीन मौसम और बेहद मेहनती लोग दिए हैं, लेकिन कमी सिर्फ एक दूरदर्शी और ईमानदार नेतृत्व की थी.
बेअदबी के दोषियों को जेल और सख्त कानून की ढाल
मुख्यमंत्री ने बरगाड़ी में हुई बेअदबी की घटनाओं और बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने समूचे पंजाब और सिख संगत की आत्मा को झकझोर दिया था. उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि वर्तमान सरकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
मुख्यमंत्री मान ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 लागू कर दिया गया है. यह कानून बेअदबी के अक्षम्य अपराध के लिए बेहद सख्त सजा का प्रावधान करता है, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक मजबूत कानूनी ढाल बनेगा. उन्होंने शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग गुरबानी के नाम पर वोट मांगते थे, वे अपने शासनकाल में गुरु साहिब की गरिमा की रक्षा करने में पूरी तरह विफल रहे.
महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत
प्रशासनिक सुधारों के तहत मुख्यमंत्री ने राज्य की महिला कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक कल्याणकारी घोषणा की. पंजाब सरकार के नए निर्णय के अनुसार, ग्रुप-सी और ग्रुप-डी में कार्यरत महिला कर्मचारियों (जिनमें मुख्य रूप से स्टाफ नर्स, शिक्षक, क्लर्क, आशा वर्कर और महिला पुलिस कर्मी शामिल हैं) को उनके गृह क्षेत्र से अधिकतम 40 किलोमीटर के दायरे में ही तैनात किया जाएगा. इस संबंध में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जल्द से जल्द रूपरेखा तैयार कर इसे लागू करने के निर्देश जारी किए हैं.
बुनियादी ढांचा और कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम
पंजाब की बुनियादी समस्याओं को दूर करने का खाका पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने हाई-टेंशन बिजली की तारों को भूमिगत करने की परियोजना शुरू की है. इससे गाँवों के ऊपर से गुजरने वाले खतरनाक तारों और खंभों से मुक्ति मिलेगी और फसलों में आग लगने व अन्य दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी.
वर्तमान में पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है. सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य में 14,000 किलोमीटर से अधिक लंबी पाइपलाइनें और नहरें बिछाई गई हैं. जिससे किसानों को अब दिन के समय भी निर्बाध बिजली और पर्याप्त पानी मिल रहा है.
स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का संकल्प
मुख्यमंत्री ने 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य है जो हर परिवार को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया करा रहा है. अब तक राज्य के नागरिक इस योजना के तहत 650 करोड़ रुपये से अधिक का उपचार मुफ्त करा चुके हैं. इसके अतिरिक्त, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मावां-धियां सम्मान योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की सामान्य महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी.
अपने संबोधन के समापन पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे विदेशों (कनाडा या अमेरिका) का रुख करने के बजाय पंजाब में ही रहकर तरक्की करें. सरकार राज्य में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित कर रही है ताकि सभी के सहयोग से एक समृद्ध और खुशहाल 'रंगला पंजाब' का निर्माण किया जा सके.
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह, विधायक जसबीर सिंह राजा गिल, विधायक करमबीर सिंह घुम्मण सहित क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि और भारी संख्या में स्थानीय निवासी उपस्थित थे. मुख्यमंत्री ने इस दौरान विभिन्न विकास कार्यों के लिए पंचायतों को अनुदान राशि के चेक भी सौंपे.