शहीदी दिवस पर सुनाम को ऐतिहासिक सौगात, CM भगवंत मान ने ₹107 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों का किया उद्घाटन

पंजाब के संगरूर जिले का छोटा सा कस्बा सुनाम आज एक बार फिर इतिहास की उन गलियों से गुजरा, जहां सौ साल से भी ज्यादा पहले एक बालक का जन्म हुआ था जिसने आगे चलकर अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी।

Date Updated Last Updated : 01 August 2026, 11:02 AM IST
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चंडीगढ़: पंजाब के संगरूर जिले का छोटा सा कस्बा सुनाम आज एक बार फिर इतिहास की उन गलियों से गुजरा, जहां सौ साल से भी ज्यादा पहले एक बालक का जन्म हुआ था जिसने आगे चलकर अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। शहीद ऊधम सिंह के शहीदी दिवस के मौके पर यह जगह आज सिर्फ श्रद्धांजलि का केंद्र नहीं बनी, बल्कि विकास की एक बड़ी सौगात का गवाह भी बनी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान खुद यहां पहुंचे और तपती गर्मी के बावजूद उमड़े जनसैलाब के सामने 107 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स को समर्पित किया। इनमें एक आर्म्ड फोर्सेज तैयारी संस्थान, एक ट्रॉमा सेंटर, दवाओं का वेयरहाउस और एक आधुनिक ब्लड बैंक शामिल है.

शहीद ऊधम सिंह को श्रद्धांजलि

समारोह की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने महान क्रांतिकारी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और फिर मंच से जनता को संबोधित करते हुए भावुक अंदाज में अपने पुराने रिश्ते का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही वे अपने पिता के साथ इस पावन धरती पर आते रहे हैं, और सालों बाद जब वे पहली बार इंग्लैंड गए तो सबसे पहले लंदन के कैक्स्टन हॉल पहुंचे थे—वही जगह जहां ऊधम सिंह ने इक्कीस साल के लंबे इंतजार के बाद माइकल ओ'डवायर को गोली मारकर जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लिया था। यह भावनात्मक पल सुनते ही भीड़ में एक अलग तरह की खामोशी छा गई, मानो हर कोई उस इतिहास को फिर से जी रहा हो।

मान सरकार की उपलब्धियां

उनकी सरकार सत्ता संभालने के पहले दिन से ही इस दिशा में तेज गति से काम कर रही है। इसी क्रम में उन्होंने सुखाली रजिस्ट्री व्यवस्था, योग्यता आधारित 68 हजार से अधिक सरकारी भर्तियां, और राज्य के नब्बे फीसदी घरों तक मुफ्त बिजली पहुंचाने जैसी योजनाओं का हवाला दिया। सड़कों के जाल की बात करें तो राज्यभर में करीब 43 हजार किलोमीटर सड़कें बनाई जा रही हैं, ऐसा उन्होंने दावा किया।

खेती और सिंचाई में सुधार

खेती-किसानी को लेकर मुख्यमंत्री खासे उत्साहित नजर आए। उन्होंने बताया कि किसानों को अब दिन के समय बिजली मुहैया कराई जा रही है और खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए राज्य में करीब चौदह हजार किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है—यह दूरी लगभग दिल्ली से कनाडा के वैंकूवर तक जितनी लंबी है। इन पाइपों के जरिए खेतों को इक्कीस हजार क्यूसिक पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे नहरी सिंचाई में भी इजाफा हुआ है। साथ ही नदियों और नहरों में रीचार्ज पॉइंट बनाकर भूजल स्तर को दो से चार मीटर तक ऊपर उठाने में कामयाबी मिली है, ऐसा उनका दावा था।

शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की बड़ी छलांग

शिक्षा के मोर्चे पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने एक दिलचस्प आंकड़ा साझा किया साल 2022 में जब उनकी सरकार बनी थी, तब पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में सत्ताईसवें स्थान पर था, लेकिन आज केंद्र सरकार के ही सर्वेक्षण के मुताबिक राज्य इस मामले में सबसे आगे खड़ा है। इसी साल सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की, जिसे उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह कोई मुफ्त की रेवड़ी नहीं बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नतीजा है, जो आम आदमी की तकदीर बदल सकती है।

महिलाओं के खातों में भेजी जा रही सम्मान राशि

महिलाओं से जुड़े मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि एक जुलाई से 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत महिलाओं के खातों में पैसे जमा होने शुरू हो चुके हैं। सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को पंद्रह सौ रुपये सम्मान राशि दी जा रही है। पहली जुलाई को करीब बत्तीस लाख महिलाओं को यह राशि मिल चुकी है, और एक अगस्त तक यह संख्या चालीस लाख से भी ऊपर पहुंचने वाली है।

'मुख्यमंत्री सेहत योजना'

स्वास्थ्य सेवाओं पर बात करते हुए उन्होंने 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' का जिक्र किया, जिसके तहत राज्य के हर परिवार को दस लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराया जा रहा है। उनके मुताबिक यह देश में अपनी तरह की पहली योजना है, और अब तक लोग इसके जरिए साढ़े छह सौ करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज करवा चुके हैं। पंजाब की सामाजिक एकता की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य एक ऐसा गुलदस्ता है जिसमें हर रंग का फूल खिलता है, जहां राम नवमी, गुरुपर्व और ईद सब मिलकर मनाए जाते हैं, और यहां की उपजाऊ धरती पर नफरत का बीज कभी नहीं पनप सकता।

8. 99 करोड़ की लागत से बनने वाला आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट

सुनाम के लिए समर्पित प्रोजेक्ट्स में सबसे बड़ा नाम संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट का है, जिसकी नींव गांव चीमा में रखी गई। करीब पौने निन्यानवे करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह संस्थान साढ़े तेरह एकड़ में फैला होगा और मालवा क्षेत्र के युवाओं को सेना, नौसेना और वायुसेना जैसी सशस्त्र सेनाओं में करियर बनाने के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण देगा। यहां पांच सौ कैडेटों के रहने की व्यवस्था होगी, जिसमें ढाई-ढाई सौ लड़के-लड़कियों के लिए अलग हॉस्टल, स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, तीन सौ सीटों का ऑडिटोरियम और स्विमिंग पूल से लेकर परेड ग्राउंड तक हर सुविधा शामिल होगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र को नई संजीवनी

इसके अलावा पांच करोड़ रुपये की लागत से बना ट्रॉमा सेंटर सड़क हादसों के शिकार मरीजों को गोल्डन आवर में इलाज देगा, जिसमें दस बिस्तरों की इमरजेंसी और आईसीयू यूनिट होगी। साढ़े तीन करोड़ रुपये के मेडिसिन वेयरहाउस से संगरूर और आसपास के अस्पतालों को दवाओं की निर्बाध सप्लाई मिलेगी, जबकि बयालीस लाख रुपये की लागत से बना ब्लड बैंक इमरजेंसी मरीजों, गर्भवती महिलाओं और थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए समय पर खून उपलब्ध कराएगा।

दिग्गज नेताओं की उपस्थिति

इस पूरे कार्यक्रम में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, हरपाल सिंह चीमा, बरिंदर कुमार गोयल और डॉ. बलबीर सिंह भी शामिल हुए। सिसोदिया और अरोड़ा ने मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि ये परियोजनाएं राज्य की विरासत और महान नायकों की स्मृतियों को संजोए रखने में मददगार साबित होंगी। कुल मिलाकर सुनाम के लिए यह दिन सिर्फ श्रद्धांजलि का नहीं, बल्कि भविष्य की एक नई इबारत लिखने का दिन बनकर सामने आया।

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