चंडीगढ़: पंजाब में गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध के खिलाफ मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पूरी सख्ती के साथ आगे बढ़ रही है. सरकार ने साफ कर दिया है कि राज्य में अपराध और डर का माहौल फैलाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है. मान सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है, यानी कानून तोड़ने वालों के साथ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी. आम जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए पंजाब पुलिस को पूरी कार्रवाई की छूट दी गई है.
हाल के दिनों में पंजाब पुलिस ने कई मामलों में तेजी से कार्रवाई कर यह दिखा दिया है कि अपराधी अब सुरक्षित नहीं हैं. सरपंच जरमैल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने कुछ ही समय में आरोपियों का पता लगाकर छत्तीसगढ़ के रायपुर से उन्हें गिरफ्तार कर लिया. यह ऑपरेशन इस बात का संकेत है कि अपराधी चाहे किसी भी राज्य में भाग जाएं, पुलिस उन्हें ढूंढ ही लेगी.
मोहाली में चर्चित कबड्डी खिलाड़ी राणा बलाचौरिया की हत्या के मामले में भी पंजाब पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया. मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी को मार गिराया गया, जबकि दो पुलिसकर्मी घायल हुए. इसके बावजूद पुलिस ने हार नहीं मानी और पश्चिम बंगाल से दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इससे यह संदेश गया कि अपराधियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा.
पंजाब पुलिस ने सिर्फ अपराध के बाद ही नहीं, बल्कि अपराध से पहले भी कार्रवाई कर अपनी क्षमता दिखाई है. बरनाला में पुलिस ने पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू पर होने वाले हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया. इस मामले में कोटदुना के सरपंच समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.
तरनतारन में किराना दुकानदार की हत्या के मामले में भी पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया. आरोपी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया. इस कार्रवाई से साफ संदेश गया कि निर्दोष लोगों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
पंजाब सरकार और पुलिस की इन कार्रवाइयों से राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत हो रही है. तेज़ कार्रवाई, मजबूत इच्छाशक्ति और साफ नीति के चलते आम लोगों का भरोसा बढ़ा है. मान सरकार का संदेश साफ है—पंजाब को अपराध और गैंगस्टरवाद से मुक्त करना अब सिर्फ वादा नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई दे रहा हकीकत बन चुका है.