नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट जगत में इन दिनों एक बड़ा सवाल गूंज रहा है. क्या हम मोहम्मद शमी को फिर कभी नीली जर्सी में देख पाएंगे. अमरोहा के इस दिग्गज तेज गेंदबाज ने 12 सालों तक अपनी स्विंग और सीम से दुनिया भर के बल्लेबाजों को छकाया है. मौजूदा हालात इस तेज गेंजबाज के लिए अच्छे नहीं लग रहे हैं. 'BCCI' के इशारे को माने तो शायद शमी अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं.
मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल शमी के करियर का एक अहम मोड़ साबित हो सकता है. टूर्नामेंट में शमी ने अपनी शानदार वापसी से सबको हैरान कर दिया था. बांग्लादेश के खिलाफ पहले ही मैच में 5 विकेट लेकर उन्होंने साबित किया कि शेर बूढ़ा जरूर हुआ है, लेकिन शिकार करना नहीं भूला.
पूरे टूर्नामेंट में 9 विकेट लेकर वह भारत के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे, लेकिन विडंबना देखिए इतने शानदार प्रदर्शन के बाद भी वह अगले 12 महीनों तक टीम की स्कीम ऑफ थिंग्स से बाहर नजर आ रहे हैं.
शमी का बाहर होना केवल फिटनेस का मुद्दा नहीं, बल्कि सेलेक्शन कमेटी के साथ उनके बिगड़ते रिश्तों की कहानी भी है. मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के साथ उनकी सार्वजनिक बहस ने आग में घी का काम किया. जब अगरकर ने उनकी फिटनेस पर संदेह जताया, तो शमी ने दो टूक जवाब दिया "मेरी फिटनेस का अपडेट देना मेरा काम नहीं है." सच्चाई यह है कि घरेलू क्रिकेट में शमी का प्रदर्शन उनकी फिटनेस की गवाही खुद दे रहा है.
रणजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए 145 से ज्यादा ओवर फेंकना और 20 विकेट चटकाना किसी अनफिट खिलाड़ी के बस की बात नहीं है. फिर भी, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे युवाओं में बीसीसीआई का बढ़ता निवेश शमी के लिए खतरे की घंटी है.
क्रिकेट जगत में चर्चा है कि क्या बीसीसीआई शमी को वही सम्मानजनक विदाई देगा जो रोहित शर्मा और विराट कोहली को मिलने की उम्मीद है. शमी ने 462 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए हैं और 2023 वर्ल्ड कप में 24 विकेट लेकर भारत को फाइनल तक पहुंचाया था. ऐसे दिग्गज को कम से कम यह जानने का हक है कि वह टीम में कहां खड़े हैं.
35 साल की उम्र में तेज गेंदबाज के लिए वापसी करना आसान नहीं होता, खासकर जब चयनकर्ता भविष्य की ओर देख रहे हों. हालांकि, शमी ने बार-बार वापसी करके खुद को साबित किया है. अब नजरें बीसीसीआई की ओर हैं. अगर शामी वनडे वर्ल्ड कप 2027 की योजना में शामिल नहीं होते, तो चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का वह फाइनल मैच ही उनकी आखिरी याद बनकर रह जाएगा.