नई दिल्ली: टी20 विश्व कप के सुपर 8 मुकाबले में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली करारी हार ने भारतीय टीम की रणनीति और चयन प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. 76 रनों की इस शिकस्त के बाद क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है. अब पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी टीम संयोजन को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है. खासतौर पर उप-कप्तान अक्षर पटेल को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने के फैसले को लेकर उन्होंने असहमति जताई.
अहमदाबाद में खेले गए इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 188 रनों का लक्ष्य दिया, लेकिन भारतीय टीम 111 रनों पर सिमट गई। इस हार के साथ टीम का नेट रन रेट भी प्रभावित हुआ. मैच से पहले टीम प्रबंधन ने वाशिंगटन सुंदर को अंतिम एकादश में शामिल किया, जबकि अक्षर पटेल को बाहर बैठाया गया. यही फैसला अब चर्चा का मुख्य विषय बन गया है.
अपने यूट्यूब चैनल पर अश्विन ने कहा कि आईसीसी जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम संयोजन में स्थिरता बेहद जरूरी होती है. उनका मानना है कि लीग क्रिकेट में मैच-अप रणनीति चल सकती है, लेकिन विश्व कप जैसे मंच पर बार-बार बदलाव जोखिम भरा साबित हो सकता है. उन्होंने याद दिलाया कि पिछले टी20 विश्व कप फाइनल में अक्षर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अहम योगदान दिया था.
टॉस के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि विपक्षी टीम के शीर्ष क्रम में तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज होने के कारण वाशिंगटन सुंदर की ऑफ-स्पिन को प्राथमिकता दी गई. सोच यह थी कि गेंद को बाएं हाथ के बल्लेबाजों से दूर घुमाया जाए. हालांकि यह रणनीति कागज पर मजबूत दिखी, लेकिन मैदान पर असरदार साबित नहीं हुई.
बता दें अफ्रीका के खिलाफ इस मैच में सुंदर ने दो ओवर में 17 रन दिए और बल्लेबाजी में 11 गेंदों पर 11 रन बनाए. सुंदर इस मैच में काफी बेअसर दिखे. सुंदर न तो बल्ले और न ही गेंद किसी से भी मैच में अपना प्रभाव नहीं छोड़ सके. वाशिंगटन के इस प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन और कोच गौतम गंभीर की आलोचना तेज हो गई है.
साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद अब टीम इंडिया की सेमीफानल की राह मुश्किल हो गई है. अगर टीम को सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करनी है तो अपने शेष दोनों मैचों में जीत दर्ज करनी होगी. टीम को सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी.