नई दिल्ली: आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप 2026 का पहला मुकाबला भारत और अमेरिका के बीच खेला गया, जिसमें रोमांच और रिकॉर्ड्स का जबरदस्त संगम देखने को मिला. भारतीय गेंदबाजों के घातक प्रदर्शन के आगे अमेरिका की पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई और मात्र 107 रनों पर सिमट गई.
भारत की इस शानदार गेंदबाजी यूनिट में सबसे बड़ा नाम हेनिल पटेल का रहा, जिन्होंने पंजा खोलते हुए अमेरिका की कमर तोड़ दी.
इस मुकाबले में जिस खिलाड़ी पर दुनिया भर की नजरें टिकी थीं, वह थे 14 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी. वैभव ने इस मैच में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देते हुए गेंद से तो कमाल दिखाया, लेकिन जब बात बल्लेबाजी की आई तो प्रशंसकों को थोड़ी निराशा हाथ लगी.
मैच के शुरुआती दौर में भारतीय कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का साहसिक फैसला लिया. हेनिल पटेल ने अपनी जादुई गेंदबाजी से 7 ओवर में महज 16 रन देकर 5 विकेट चटकाए और अमेरिका के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया. जब अमेरिका का स्कोर 9 विकेट पर था, तब कप्तान आयुष म्हात्रे ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए गेंद वैभव सूर्यवंशी को थमाई.
वैभव को उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है. इस मैच में उनके हाथ में गेंद आते ही करिश्मा हो गया. उन्होंने पारी के 36वें ओवर की मात्र दूसरी ही गेंद पर अमेरिका के टॉप स्कोरर नीतीश सुदिनी को लॉन्ग ऑफ पर कैच आउट कराकर अमेरिकी पारी का अंत कर दिया. महज दो गेंदों के स्पेल में विकेट चटकाकर वैभव ने साबित कर दिया कि वह एक बेहतरीन ऑलराउंडर बनने की राह पर हैं.
हालांकि, 108 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए शुरुआत उतनी सुखद नहीं रही. भारत को पहला झटका वैभव सूर्यवंशी के रूप में ही लगा, जिनसे एक बड़ी और तूफानी पारी की उम्मीद की जा रही थी. वैभव मात्र 2 रन के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए. उनके जल्दी आउट होने से भारतीय खेमे और फैंस में थोड़ी मायूसी जरूर देखी गई, क्योंकि हाल के दिनों में वैभव अपनी बल्लेबाजी से लगातार सुर्खियां बटोर रहे थे.
बावजूद इसके, गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन और वैभव के निर्णायक विकेट की बदौलत भारत ने इस टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली है. हेनिल पटेल और वैभव सूर्यवंशी की इस जुगलबंदी ने साफ कर दिया है कि भारतीय टीम इस वर्ल्ड कप को जीतने के लिए पूरी तरह तैयार है.