पाक PM का सख्त ऐलान, टी20 वर्ल्ड कप में भारत से नहीं खेलेगी ग्रीन आर्मी, भारत के खिलाफ 'क्लियर स्टैंड'

टी20 विश्व कप से पहले भारत-पाकिस्तान मैच विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. अब IND vs PAK मैच को लेकर टी20 विश्व कप 2026 से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के ताज़ा बयान आया है.

Date Updated Last Updated : 05 February 2026, 09:47 AM IST
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Courtesy: ANI

नई दिल्ली: आईसीसी टूर्नामेंट शुरु होने में अब केवल 2 दिन शेष रह गए है. टूर्नामेंट शुरु होने से पहले भारत-पाकिस्तान के बीच टकराव थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. क्रिकेट और राजनीति टकराव बार-बार भारत-पाकिस्तान मुकाबले को सुर्खियों में ला दे रहा है. अब भारत पाक मैच को लेकर टी20 विश्व कप 2026 से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के ताज़ा बयान आया है.

जिसने क्रिकेट प्रशंसकों को चौंका दिया है, क्योंकि उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी टीम ग्रुप चरण में भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरेगी. यह फैसला सिर्फ खेल तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि इसके पीछे कूटनीतिक और प्रशासनिक कारण भी जुड़े नज़र आ रहे हैं.

प्रधानमंत्री का सख्त संदेश

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर कोई भ्रम नहीं चाहता. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत के खिलाफ खेलने से इनकार करना एक सोचा-समझा फैसला है और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. पाकिस्तान न तो भारत में खेलेगा और नहीं भारत के साथ खेलेगा.

दरअसल, भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेज़बानी में होने वाले आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 को लेकर पहले से ही कई अटकलें थीं. इस बीच इस्लामाबाद में संघीय मंत्रिमंडल को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने दोहराया कि भारत के साथ मैच न खेलने का उनका रुख सोच-समझकर लिया गया 'उचित निर्णय' है. साथ ही उन्होंने कहा कि खेलों में राजनीति नहीं आनी चाहिए. 

15 फरवरी को खेला जाएगा भारत-पाक मैच

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आईसीसी के तय शेड्यूल के अनुसार भारत और पाकिस्तान का ग्रुप स्टेज मैच 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में प्रस्तावित है. यही नहीं, दोनों टीमें आगे चलकर फाइनल में भी आमने-सामने आ सकती हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि दोनो टीमों के बीच खिताबी मुकाबला हुआ तो पाकिस्तान का रुख क्या होगा.

आईसीसी की चिंता

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद पहले ही पाकिस्तान के इस रुख पर चिंता जता चुकी है. आईसीसी का मानना है कि चुनिंदा मैच खेलने या न खेलने से टूर्नामेंट की निष्पक्षता, अखंडता और प्रतिस्पर्धी संतुलन प्रभावित हो सकता है.

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