नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब क्रिकेट के मैदान पर भी साफ दिखाई देने लगा है. इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) के आयोजन पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
PCB ने स्थिति को देखते हुए PSL के आयोजन में बड़े बदलाव किए हैं. टूर्नामेंट अब केवल कराची और लाहौर तक सीमित रहेगा और शुरुआती मुकाबले बिना दर्शकों के खेले जाएंगे. इस फैसले का उद्देश्य खिलाड़ियों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इन घटनाक्रमों के मद्देनजर, बांग्लादेश के युवा और खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने पीएसएल में बांग्लादेशी खिलाड़ियों की भागीदारी के संबंध में एक सख्त निर्देश जारी किया है.
इन हालात के बीच बांग्लादेश के युवा और खेल राज्य मंत्री अमीनुल हक ने अपने खिलाड़ियों की भागीदारी पर सतर्क रुख अपनाया है.
उन्होंने साफ कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और बिना पूरी जांच के उन्हें पाकिस्तान भेजने का निर्णय नहीं लिया जाएगा. हक ने आगे कहा कि, 'अगर PSL में सुरक्षा को लेकर कोई चिंता है तो हमारे क्रिकेटर निश्चित रूप से नहीं जाएंगे.
हक ने खिलाड़ियों की सुरक्षा को वरीयता देते हुए कहा कि, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को पहले सभी सुरक्षा पहलुओं की जानकारी सरकार के साथ साझा करनी होगी. इसके बाद राष्ट्रीय एजेंसियां स्थिति का आकलन करेंगी और उसी आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बीसीबी यह सुनिश्चित कर देता है कि सुरक्षा में कोई खतरा नहीं है, तो खिलाड़ियों की भागीदारी पर विचार किया जा सकता है. साथ ही उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की व्यक्तिगत इच्छा का सम्मान भी जरूरी है, ताकि खेल गतिविधियां प्रभावित न हों.
इंडियन प्रीमियर लीग के प्रसारण को लेकर भी बांग्लादेश में स्थिति स्पष्ट नहीं है. हक ने बताया कि इस मुद्दे पर जल्द ही समीक्षा की जाएगी और क्रिकेट बोर्ड से चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा.
बता दें हाल में भारत और बांग्लादेश के बीच हुए विवाद के बाद बांग्लादेश सरकार ने बांग्लादेश में आईपीएल के प्रसारण पर रोक लगा दी थी.
गौरतलब है कि पीएसएल 26 मार्च से शुरू हो रहा है, तो वहीं आईपीएल का श्रीगणेश 28 मार्च से होगा. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के सामने सुरक्षा और प्राथमिकताओं को लेकर बड़ा निर्णय लेने की चुनौती है. साथ ही सवाल यह भी है कि खिलाड़ी आखिर कौन सी लीग में हिस्सा लेना चाहते हैं.