विश्व अस्थमा दिवस पर कैलाश दीपक अस्पताल द्वारा लोगों के लिए हुआ CME का आयोजन

विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर कैलाश दीपक अस्पताल द्वारा आज अस्पताल के लेक्चर हॉल में एक विशेष CME का सफल आयोजन किया गया. जहां विशेषज्ञों द्वारा अस्थमा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई.

Date Updated Last Updated : 06 May 2026, 07:06 PM IST
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Courtesy: Social Media

दिल्ली: विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर कैलाश दीपक अस्पताल द्वारा आज अस्पताल के लेक्चर हॉल में एक विशेष CME का सफल आयोजन किया गया. बता दें, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अस्थमा के प्रति जागरूकता फैलाना और आधुनिक उपचार पद्धतियों से लोगों को अवगत कराना था. खास बात ये रही कि इस सत्र में चिकित्सा पेशेवरों के साथ-साथ स्थानीय सोसायटियों के निवासियों, आरडब्ल्यूए (RWA) अध्यक्षों, सचिवों और अस्पताल में इलाज करा रहे अस्थमा के मरीजों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

अस्थमा अटैक कैसे करें नियंत्रित 

कार्यक्रम के दौरान शहर के जाने-माने चेस्ट विशेषज्ञों ने अस्थमा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कैसे अस्थमा अटैक को नियंत्रित किया जा सकता है. कार्यक्रम के दौरान, जहां डॉ. सुशील कुमार उपाध्याय (पल्मोनरी एंड स्लीप मेडिसिन) ने "ब्रोंकियल अस्थमा को समझना" विषय पर चर्चा करते हुए इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान पर जोर दिया. तो वहीं डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता (सीनियर कंसल्टेंट, पल्मोनरी एंड स्लीप मेडिसिन) ने "एक्यूट अस्थमा का प्रबंधन" विषय पर बोलते हुए बताया कि अस्थमा के अचानक हमले (Attack) के दौरान स्थिति को कैसे नियंत्रित किया जाए.

इसके साथ ही डॉ. लवलीन शर्मा (कंसल्टेंट, पल्मोनरी एंड स्लीप मेडिसिन) ने "इनहेलर और अन्य उपकरण" विषय पर व्यावहारिक जानकारी साझा की और सही तकनीक उपयोग के महत्त्व को बताया. 

"अस्थमा से डरने की जरूरत नहीं"

इस महत्वपूर्ण चर्चा की अध्यक्षता इंटरनल मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ विशेषज्ञों, डॉ. रजत जैन, डॉ. एल. रामचंद्रन और डॉ. दीप्ति चौधरी द्वारा की गई. विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि अस्थमा से डरने की जरूरत नहीं है. सही समय पर निदान और इनहेलर के सही इस्तेमाल से मरीज पूरी तरह सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकता है.

मरीजों को उनके सवालों का मिला जवाब 

सेशन के दौरान एक इंटरैक्टिव सेशन भी किया गया. इस दौरान आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों और मरीजों ने सीधे विशेषज्ञों से सवाल किए और अपनी शंकाओं को दूर किया. डॉक्टरों ने इनहेलर के उपयोग को लेकर समाज में फैली भ्रमित जानकारी को भी दूर किया और बताया कि क्या उपचार का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है. वहीं कार्यक्रम के अंत में अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ने सभी विजिटर्स को इस सेशन में भाग लेने के लिए धन्यवाद किया. 

बता दें, कैलाश दीपक अस्पताल कम्युनिटी हेल्थ के प्रति अपनी जिम्मेरदारी को निभाते हुए समय-समय पर इस तरह के शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है, ताकि आम जनता को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और सशक्त बनाया जा सके.

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