'कोई भी कॉपी नहीं छपी...', नरवणे की किताब को लेकर मचा बवाल, FIR के बाद पेंगुइन पब्लिकेशन का सामने आया बयान

पूर्व भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा को लेकर उठा विवाद अब और गहरा गया है. सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन मंचों पर उनके किताब की कथित प्रतियों के घूमने की खबरों ने सबको हैरान कर दिया है.

Date Updated Last Updated : 10 February 2026, 11:32 AM IST
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Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: पूर्व भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा को लेकर उठा विवाद अब और गहरा गया है. सोशल मीडिया और कुछ ऑनलाइन मंचों पर किताब की कथित प्रतियों के घूमने की खबरों के बीच प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट कर दिया है कि यह पुस्तक अभी तक किसी भी रूप में प्रकाशित नहीं हुई है. इस बयान ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है.

यह स्पष्टीकरण दिल्ली पुलिस द्वारा पुस्तक की अनधिकृत प्रति के कथित प्रसार को लेकर एफआईआर दर्ज किए जाने के कुछ ही घंटों बाद सामने आया. विवादित संस्मरण ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को अभी संबंधित अधिकारियों से औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है, बावजूद इसके लीक होने के दावे सामने आए थे.

जानिए प्रकाशक ने क्या कहा?

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि नरवणे की आत्मकथा के प्रकाशन के अधिकार केवल उसी के पास हैं, लेकिन अब तक न तो इसे छापा गया है और न ही डिजिटल रूप में जारी किया गया है. प्रकाशक के मुताबिक, जो भी संस्करण फिलहाल प्रचलन में है चाहे वह प्रिंट हो, पीडीएफ या कोई अन्य डिजिटल फॉर्म वह पूरी तरह अवैध और कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है.

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

प्रकाशक ने यह भी साफ किया कि किताब की अवैध और अनधिकृत सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे. बयान का उद्देश्य अपनी स्थिति को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना और किसी भी तरह की गलतफहमी को दूर करना बताया गया.

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया और वेबसाइटों पर एक टाइप की हुई पीडीएफ मिलने की सूचना के बाद मामला दर्ज किया गया. कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पुस्तक का कवर इस तरह दिखाया गया, मानो वह बिक्री के लिए उपलब्ध हो. इस कथित लीक की जांच के लिए स्पेशल सेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है और जांच जारी है.

संसद तक पहुंचा मामला

मामला यहीं नहीं थमा मामले ने संसद में भी अपनी जगह बना ली. विवाद तब और बढ़ गया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संसद परिसर में किताब की एक प्रति पकड़े हुए देखा गया. इसके बाद लोकसभा में तीखी बहस हुई, जिससे कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और आठ सांसदों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया.

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