भोपाल: आज शपथ लेने का दिन है कि अगर हम अगले वर्ष खड़े होकर यह कह पाएंगे कि हमारे यहां बाल या बंधुआ मजदूरी का एक भी मामला नहीं आया है, तब हम उसका जश्न मनाएंगे. मुझे लगता है कि पहले यह तय करना पड़ेगा कि हमारी अपनी संवेदनशीलता कितनी है. जब हम कोई कार्ययोजना बनाते हैं, तो पहले हमें यह तय करना पड़ेगा कि वास्तव में किन परिस्थितियों में व्यक्ति बंधुआ हो सकता है.
श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल आज 'बंधक श्रम उन्मूलन दिवस' पर कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेन्शन सेंटर (मिंटो हॉल) में 'बंधक प्रथा उन्मूलन' एवं 'नवीन चार श्रम संहिताओं' पर आधारित कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने राज्य स्तरीय एक्शन प्लान का विमोचन भी किया.
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि बच्चे आसानी के साथ इन परिस्थितियों के शिकार हो जाते हैं. जो परिवार प्रवास करके कहीं जाता है, तो बच्चे पढ़ नहीं पाते. ऐसे बच्चे किसी दूसरे काम में लग जाते हैं. यह भी बाल श्रमिक का एक बड़ा कारण है. श्री पटेल ने कहा कि इनकी मदद करने के लिए सबसे अहम बात है कि हम संवेदनशील प्रशासन तंत्र की स्थापना करें. तभी उनको मदद मिल सकती है.
मंत्री ने खतरनाक और अति खतरनाक कारखानों की श्रेणी सुधार पर भी बात रखी, ताकि बाल श्रम को स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण के दृष्टिकोण से परिभाषित किया जा सके. श्री पटेल ने चार नई श्रम संहिताओं के दूरगामी फायदे भी बताए. उन्होंने कहा कि कई बार बच्चा अपने स्वयं की दुकान पर बैठता है, इसलिए बाल श्रम को लेकर नए दृष्टिकोण से सोचने की भी आवश्यकता है.
कार्यशाला में बाल संरक्षण विशेषज्ञ एवं मध्य प्रदेश में यूनिसेफ के प्रमुख के रूप में कार्यरत श्री विलियम हैनलोन ने बाल एवं कुमार किशोर (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 से संबंधित कार्ययोजना पर चर्चा की. सचिव श्रम श्री रघुराज राजेन्द्रन ने कार्यशाला की प्रासंगिकता के बारे में बताया. श्रमायुक्त श्रीमती तन्वी हुड्डा ने कार्यशाला की रूपरेखा पर प्रकाश डाला.
कार्यशाला में बाल एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत राज्य एक्शन प्लान, बंधुआ श्रम (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के क्रियान्वयन के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अधिनियम की उपलब्धियों एवं वर्तमान चुनौतियों, नई चार श्रम संहिताओं से जुड़े प्रावधानों- बंधक श्रम प्रथा उन्मूलन पर, वेतन संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और औद्योगिक संबंध संहिता पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से चर्चा हुई. आखिर में परिचर्चा आयोजित की गई.
इस अवसर पर श्रमिकों के कल्याण, सुरक्षा और श्रम कानूनों के बेहतर पालन करने वाले प्रतिष्ठानों-बीपीसीएल बीना रिफाइनरी (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, सागर), आईनॉक्स एयर प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, गोविंदपुरा (भोपाल) और एचईजी लिमिटेड, भोपाल को श्रम मंत्री के हाथों श्रम स्टार रेटिंग सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गए.