AIMIM ने तय किया बी टीम से ए टीम तक का सफर, अकोट नगर पालिका में बीजेपी–AIMIM के बीच हुआ गठबंधन

अकोट नगर पालिका में सत्ता हासिल करने के लिए बीजेपी ने AIMIM के साथ गठबंधन कर लिया है. यह गठबंधन इसलिए खास है क्योंकि दोनों दलों की विचारधाराएं एक-दूसरे से बिल्कुल अलग मानी जाती हैं.

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नई दिल्ली: असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM पर अक्सर बीजेपी की ‘बी टीम’ होने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन महाराष्ट्र के अकोला जिले के अकोट नगर पालिका में हालात कुछ अलग नजर आए. यहां AIMIM बीजेपी के लिए ‘ए टीम’ बनकर उभरी है.

दरअसल, अकोट नगर पालिका में सत्ता हासिल करने के लिए बीजेपी ने AIMIM के साथ गठबंधन कर लिया है. यह गठबंधन इसलिए खास है क्योंकि दोनों दलों की विचारधाराएं एक-दूसरे से बिल्कुल अलग मानी जाती हैं.

बहुमत के लिए बीजेपी ने  AIMIM से मिलाया हाथ

हाल ही में हुए नगर निकाय चुनाव में बीजेपी की माया धुले मेयर चुनी गई, लेकिन पार्टी को 35 सदस्यीय नगर पालिका में स्पष्ट बहुमत नहीं मिला. कुल 35 सीटों में से 33 पर चुनाव हुए थे, जिनमें बीजेपी को केवल 11 सीटें मिलीं.

बहुमत हासिल करने के लिए बीजेपी ने AIMIM सहित कई अन्य दलों को साथ लाकर एक नया गठबंधन बनाया, जिसे 'अकोट विकास मंच' नाम दिया गया है.

कई दलों को मिलाकर बना विकास मंच

बीजेपी के नेतृत्व में बने इस मंच में AIMIM के 5 पार्षदों के अलावा दोनों शिवसेना गुट, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों धड़े और प्रहार जनशक्ति पार्टी भी शामिल हैं. इस गठबंधन को अकोला जिला मजिस्ट्रेट के पास औपचारिक रूप से पंजीकृत कराया गया है.

इस गठबंधन के ग्रुप लीडर बीजेपी के रवि ठाकुर होंगे. 13 जनवरी को होने वाले डिप्टी मेयर और स्वीकृत सदस्यों के चुनाव में सभी सहयोगी दल एक साथ मतदान करेंगे.

चुनावी विरोधी बने सत्ता के साथी

दिलचस्प बात यह है कि मेयर चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार माया धुले ने AIMIM की फिरोजाबी सिकंदर राणा को बड़े अंतर से हराया था. अब वही AIMIM, बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा बन गई है. इस राजनीतिक बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.

गठबंधन की संख्या और व्हिप लागू

'अकोट विकास मंच' के पास अब कुल 25 पार्षदों का समर्थन है, जबकि मेयर को मिलाकर संख्या 26 हो जाती है. इस मंच में बीजेपी, AIMIM, शिवसेना के दोनों गुट, एनसीपी के दोनों धड़े और प्रहार पार्टी शामिल हैं.

गठबंधन के सभी पार्षदों पर बीजेपी नेता रवि ठाकुर द्वारा जारी व्हिप लागू होगा, जिसमें AIMIM के पार्षद भी शामिल हैं.

विपक्ष में है कांग्रेस

इस नए राजनीतिक समीकरण के बाद अकोट नगर पालिका में कांग्रेस विपक्ष में बैठी है. कांग्रेस के 6 पार्षद और वंचित बहुजन आघाड़ी के 2 सदस्य विपक्ष की भूमिका निभाएंगे.

बीजेपी द्वारा AIMIM से हाथ मिलाने को लेकर विपक्ष हमलावर हो सकता है, खासकर उन नारों को लेकर जो चुनाव के दौरान दिए गए थे. अब सभी की नजरें 13 जनवरी को होने वाले चुनाव पर टिकी हैं, जहां यह गठबंधन अपनी मजबूती दिखाएगा.