नेपाल के GenZ विरोध प्रदर्शनों से मिला यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को आइडिया, AI समिट में प्रदर्शन पर पुलिस ने दिया अपडेट

भारत मंडपम में चल रहे AI समिट में एक के बाद एक हंगामा होते दिख रहे हैैं. पहले गलगोटिया के रोबो डॉग से जुड़ा हंगामा.

Date Updated Last Updated : 21 February 2026, 04:03 PM IST
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नई दिल्लीः भारत मंडपम में चल रहे AI समिट में एक के बाद एक हंगामा होते दिख रहे हैैं. पहले गलगोटिया के रोबो डॉग से जुड़ा हंगामा. फिर शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का शर्ट उतारकर पीएम मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन. समिट में हो रही हर अच्छा कार्य, अब इन आवाजों के नीचे दब गया है. अब शनिवार को इस मामले में एक बड़ा अपडेट आया है. दिल्ली पुलिस ने पीएम मोदी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन को नेपाल के जेन जी प्रदर्शन से इंस्पार्यड बताया है. पुलिस के मुताबिक यह एक साजिश है, जिससे भारत में नेपाल जैसा हाल करने की कोशिश की गई है.

पुलिस का बयान

पुलिस के मुताबिक यह एक साजिश है, जिससे भारत में नेपाल जैसा हाल करने की कोशिश की गई है. साथ ही यह घटना देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की कोशिश थी. समिट में प्रदर्शनकारियों ने सरकार और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद वहां पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

पुलिस ने दी मामले की जानकारी 

पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को इन आरोपियों को पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई. एक ओर इसे लोकतांत्रिक विरोध बताया जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर इस घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है. समिट के एग्जीबिशन हॉल में अचानक तनाव फैल गया जब आईवाईसी के कार्यकर्ता बिना शर्ट के घूमते हुए दिखाई दिए. उन्होंने पीएम मोदी कॉम्प्रोमाइज्ड हैं लिखी टी-शर्टें लहराईं और सरकार विरोधी नारे लगाए.

कार्यकर्ताओं की हुई पहचान

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं की पहचान कृष्ण हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव के रूप में की है. इस प्रदर्शन के दौरान तीन पुलिसकर्मी के घायल होने की खबर है, जिसे पुलिस ने प्रदर्शन की हिंसक प्रकृति का सबूत बताया है.

अदालत में पुलिस के गंभीर आरोप

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में पेश करते हुए कहा कि यह महज एक विरोध नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश थी. जांच अधिकारी ने बताया कि चारों आरोपी अलग-अलग जगहों से आए थे और उन्होंने मिलकर टी-शर्टें प्रिंट करवाईं. पुलिस को संदेह है कि इस घटना के पीछे बाहरी फंडिंग हो सकती है, इसलिए आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त करने और जांचने की जरूरत है. साथ ही कुछ अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए, जिन्हें पकड़ने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है.

पांच दिन की रिमांड की मांग

पुलिस ने पांच दिनों की रिमांड मांगी, ताकि साजिश के सभी पहलुओं की तह तक पहुंचा जा सके. जब कोर्ट ने रिमांड की अवधि पर सवाल उठाया, तो पुलिस ने घटना की गंभीरता और फरार आरोपियों का हवाला दिया. आरोपियों के वकील ने कोर्ट में मजबूती से बचाव किया. उन्होंने कहा कि यह एक शांतिपूर्ण विरोध था, जो लोकतंत्र में हर नागरिक का अधिकार है.

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