उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड का अलर्ट, IMD ने पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के लिए जारी की चेतावनी

अगर आप उत्तर या मध्य भारत में रह रहे हैं, तो आने वाले कुछ दिन आपकी मुश्किल बढ़ा सकते हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को एक ताजा बुलेटिन जारी करते हुए देश के बड़े हिस्से में शीतलहर और भारी कोहरे की चेतावनी दी.

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नई दिल्ली: अगर आप उत्तर या मध्य भारत में रह रहे हैं, तो आने वाले कुछ दिन आपकी मुश्किल बढ़ा सकते हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को एक ताजा बुलेटिन जारी करते हुए देश के बड़े हिस्से में शीतलहर और भारी कोहरे की चेतावनी दी है. हिमालयी राज्यों से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है.

इन राज्यों में शीतलहर का कहर

मौसम विभाग के अनुसार, 7 से 9 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और ओडिशा में भीषण शीतलहर चलने की संभावना है. इसके अलावा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, विदर्भ (महाराष्ट्र), झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी इस पूरे हफ्ते हाड़ कंपाने वाली ठंड रहने वाली है. कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है.

'ठंडे दिन' और घने कोहरे की दोहरी मार

शीतलहर के साथ-साथ IMD ने 'Cold Day' (ठंडे दिन) की स्थिति की भी भविष्यवाणी की है.

6 और 7 जनवरी: उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश में दिन के समय भी कड़ाके की ठंड रहेगी.

कोहरे का अलर्ट: अगले 5-7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने के आसार हैं. विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में दृश्यता बहुत कम रह सकती है, जिसका असर रेल और हवाई यातायात पर पड़ना तय है.

झारखंड और बंगाल में रिकॉर्ड तोड़ ठंड

झारखंड के 10 जिलों में पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क गया है. गढ़वा, पलामू और चतरा जैसे जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है. वहीं, पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. मंगलवार को यहां तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो जनवरी के महीने में पिछले 15 सालों में सबसे कम तापमान में से एक है.

सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे ठंड से बचने के लिए पर्याप्त ऊनी कपड़े पहनें और सुबह के समय घने कोहरे में यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें. बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है क्योंकि गिरता तापमान श्वसन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकता है.