Ayurveda में छुपे हैं अच्छी नींद के ये राज, आप भी आजमाएं

प्राचीन समय में लोग अच्छी जीवनशैली अपनाकर सूर्यास्त के साथ ही सोते थे और सूर्योदय से पहले उठ जाते थे। आजकल ऐसी जीवनशैली अपनाना बहुत मुश्किल है, लेकिन जीवनशैली को नियंत्रित किया जा सकता है।

Date Updated Last Updated : 03 March 2024, 09:20 AM IST
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नींद के लिए आयुर्वेदिक टिप्स रात की अच्छी नींद के बाद सुबह उठकर तरोताजा महसूस करना एक अद्भुत एहसास है, लेकिन अनियमित जीवनशैली और खाने-पीने में लापरवाही के कारण आजकल कई लोगों को रात में अच्छी नींद नहीं मिल पाती है। ऐसे में अगर आप भी रात को बिस्तर पर आराम से सोने की कोशिश कर रहे हैं तो कुछ आयुर्वेदिक नुस्खे आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

रात का खाना

रात के समय अधिक चरबी वाले भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। शाम 6 बजे के बाद खाने से बचें। सोने से 3 घंटे पहले भोजन कर लेना चाहिए। रात्रि के समय हल्का भोजन ही करें। रात को सोते समय खूब पानी पिएं।

मोबाइल, टी.वी दूर रहो

रात को सोने से दो घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर आदि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से निकलने वाली नीली रोशनी आंखों के लिए बहुत हानिकारक होती है। सोने से पहले मोबाइल दूर रख देना चाहिए.

बाईं ओर करवट लेकर सोएं

आयुर्वेद के अनुसार अच्छी नींद के लिए हमेशा बायीं करवट सोना चाहिए। बायीं ओर करवट लेकर सोने से सीने में जलन नहीं होती है और पाचन संबंधी शिकायतें भी दूर होती हैं। इसके अलावा इससे खर्राटों की समस्या भी दूर हो जाती है।

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