ईरान पर दोहरी मार! गेराश में आया 4.3 तीव्रता का भूकंप, US-इजराइल हमलों के बीच कोई बड़ा नुकसान नहीं

मंगलवार को दक्षिणी ईरान की धरती भुकंप के कारण कांप उठी. दक्षिणी ईरान के गेराश क्षेत्र में 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया.

Date Updated Last Updated : 03 March 2026, 04:17 PM IST
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Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: मंगलवार को दक्षिणी ईरान की धरती भुकंप के कारण कांप उठी. दक्षिणी ईरान के गेराश क्षेत्र में 4.3 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. ये झटका ऐसे समय आया है जब देश पहले ही अमेरिका और इजराइल के लगातार हवाई हमलों से जूझ रहा है. इस प्राकृतिक घटना ने युद्ध जैसे हालात में घिरे ईरान की चिंता और बढ़ा दी है.

भूकंप का केंद्र तेहरान से करीब 800 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित क्षेत्र में था. इसी बीच करमान हवाई अड्डे पर हुए एक हमले में कम से कम 13 ईरानी सैनिकों के मारे जाने की सूचना है. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस सैन्य अड्डे पर हेलीकॉप्टर तैनात थे, जिन्हें निशाना बनाया गया.

जानमान का नहीं हुआ नुकसान

ईरान मौजूदा समय में पहले ही हमलो की समस्या  से  जूझ रहा है वहीं दूसरी ओर वहां पर प्राकृतिक आपदा भुकंप ने भी दस्तख दी है. हालांकि इन झटकों से किसी भी प्रकार के बडे़ नुकसान या जनगानी की खबर नहीं है. 

इजराइल और अमेरिका का अभियान

शनिवार से इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ईरानी ठिकानों पर हवाई हमले कर रहे हैं. इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि यह अभियान कुछ समय तक चलेगा, लेकिन इसे लंबे कब्जे में नहीं बदला जाएगा. इजराइली सेना के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि फिलहाल जमीनी सेना भेजने की कोई योजना नहीं है.

अमेरिका की रणनीति और अनिश्चित लक्ष्य

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुरुआत में संघर्ष की अवधि चार से पांच सप्ताह बताई थी, लेकिन बाद में व्यापक सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चेतावनी दी कि सबसे कड़े हमले अभी बाकी हैं. उनका कहना है कि बिना जमीनी सेना तैनात किए भी ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को कमजोर किया जा सकता है.

बढ़ रही जनहानि

इस संघर्ष में ईरान, इजराइल और लेबनान समेत कई देशों में सैकड़ों नागरिकों की मौत की खबरें हैं. हिज्बुल्लाह की सक्रियता से लड़ाई लेबनान तक फैल गई है. तस्वीरों से  साफ संकेत मिले हैं कि ईरान के परमाणु ढांचे को भी निशाना बनाया गया हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. तेहरान ने इन हमलों को बेवजह और उकसावे वाला करार दिया है.

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