ट्रंप के दावे पर ईरान का बड़ा पलटवार, कहा- अभी नहीं हुआ कोई अंतिम समझौता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जल्द समझौते के दावे को ईरान ने खारिज कर दिया है. तेहरान का कहना है कि संघर्ष समाप्त करने को लेकर अभी कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है और देश अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर ही फैसले लेगा. साथ ही ईरान ने अमेरिकी समुद्री प्रतिबंधों को अवैध बताते हुए उन पर सवाल उठाए हैं.

Date Updated Last Updated : 30 May 2026, 08:13 AM IST
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Courtesy: X @38divan

नई दिल्ली: ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेहरान के साथ जल्द ही एक समझौते पर फैसला लिया जाएगा. ईरान ने स्पष्ट किया है कि संघर्ष समाप्त करने को लेकर अब तक कोई अंतिम सहमति नहीं बनी है और देश किसी भी बाहरी दबाव में निर्णय लेने वाला नहीं है. यह जानकारी ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी की रिपोर्ट में सामने आई है.

तेहरान की ओर से दिए गए इस बयान ने ट्रंप के हालिया दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि राष्ट्रीय हितों और अधिकारों के आधार पर ही फैसले लिए जाएंगे, जबकि दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष वार्ताएं जारी हैं.

ट्रंप के दावे पर ईरान का जवाब

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सरकारी टेलीविजन से बातचीत में कहा, "तेहरान ने 47 साल पहले ही 'जरूरी' की भाषा को अलविदा कह दिया है. पश्चिमी देशों में से कोई भी पक्ष ईरान के बारे में बात करते समय 'जरूरी' की भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकता. हम ईरानी राष्ट्र के हितों और अधिकारों के आधार पर अपने फैसले खुद लेते हैं."

उन्होंने साफ किया कि अभी तक संघर्ष समाप्त करने को लेकर कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है और ईरान किसी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा.

ट्रंप ने समझौते को लेकर क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य में लागू नौसैनिक नाकाबंदी हटाई जा रही है और ईरान के साथ समझौते पर जल्द फैसला लिया जाएगा.

ट्रंप ने कहा, "हमारी अद्भुत और अभूतपूर्व नौसैनिक नाकाबंदी, जिसे अब हटाया जा रहा है, के कारण जलडमरूमध्य में फंसे जहाज 'घर लौटने' की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं! अपने प्रिय राष्ट्रपति की ओर से अपनी पत्नियों, पतियों, माता-पिता और परिवारों को नमस्कार कहिएगा!"

अमेरिकी समुद्री उपायों को बताया अवैध

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्माइल बगाई ने अमेरिकी समुद्री उपायों को "शुरू से ही अवैध" करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि इन कदमों ने 8 अप्रैल को लागू हुए युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय नौवहन सिद्धांतों का उल्लंघन किया है.

बगाई ने कहा, "हमें व्यवहार में देखना होगा कि वे वास्तव में अपने शब्दों पर अमल करेंगे या यह सिर्फ एक प्रचार का दावा है."

उन्होंने आगे कहा कि इन उपायों को वापस लेना उस कार्रवाई को समाप्त करने जैसा होगा जो "शुरू से ही नहीं की जानी चाहिए थी."

होर्मुज जलडमरूमध्य में क्यों बढ़ाया गया नियंत्रण?

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष और उसके बाद ईरानी जहाजों व बंदरगाहों को निशाना बनाने वाले अमेरिकी कदमों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने नियंत्रण को और सख्त कर दिया था.

युद्धविराम की शर्तों के उल्लंघन का आरोप

बगाई ने कहा कि तेहरान अमेरिकी कार्रवाइयों को युद्धविराम की शर्तों के खिलाफ मानता है. उनका दावा है कि कुछ उपायों को वाशिंगटन ने एकतरफा तरीके से आगे बढ़ाया है.

उन्होंने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थों के माध्यम से अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है. इन वार्ताओं में शत्रुता समाप्त करने, समुद्री विवादों को सुलझाने और विदेशों में मौजूद ईरानी संपत्तियों से जुड़े मामलों पर चर्चा हो रही है.

परमाणु मुद्दे पर क्या बोला ईरान?

समझौते के सबसे अहम विषयों में शामिल परमाणु कार्यक्रम पर बगाई ने स्पष्ट कहा, "परमाणु मुद्दे पर हमारी कोई बातचीत नहीं चल रही है."

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