नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इस घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं. कई देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और हवाई निगरानी बढ़ा दी है. इसी बीच कतर सरकार ने संभावित खतरे को देखते हुए नागरिकों और विदेशियों के लिए विशेष सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं और लोगों से अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की अपील की है.
जानकारी के मुताबिक, कतर के आंतरिक मंत्रालय ने रविवार को देशभर में मोबाइल फोन के जरिए इमरजेंसी अलर्ट भेजा. इस संदेश में लोगों से कहा गया कि वे फिलहाल अपने घरों या किसी सुरक्षित स्थान पर ही रहें और बिना किसी जरूरी वजह के बाहर न निकलें. सरकार का कहना है कि यह कदम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है. मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि मौजूदा समय में सुरक्षा खतरे का स्तर काफी बढ़ गया है. इसलिए सभी नागरिकों और प्रवासियों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की अपील की गई है.
रिपोर्टों के अनुसार, दोहा समेत कई इलाकों में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. इसके अलावा कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में भी विस्फोट जैसी घटनाओं की जानकारी सामने आई है. इन घटनाओं के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और संभावित हवाई खतरों से निपटने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं.
इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश में सुनाई दिए धमाकों की वजह ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई थी. मंत्रालय के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम ने बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और कई आक्रामक ड्रोन को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही हवा में नष्ट कर दिया. यूएई ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय रही और किसी भी संभावित नुकसान को सफलतापूर्वक टाल दिया गया. सुरक्षा एजेंसियां लगातार आसमान की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी नए खतरे का तुरंत जवाब दिया जा सके.
फार्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी ठिकानों पर ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता का माहौल है. कतर, यूएई, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन सहित कई देशों ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है. सैन्य और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी नई स्थिति से निपटने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं. मौजूदा हालात को देखते हुए क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम पर दुनिया की नजर रहेगी.