भारत का दिल बड़ा, सिंधु जल संधि स्थगित होने के बावजूद पाकिस्तान को तवी नदी में बाढ़ की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण तवी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. इस बीच, भारत ने मानवीय आधार पर एक बड़ा कदम उठाते हुए पड़ोसी देश पाकिस्तान को तवी नदी में संभावित बाढ़ के खतरे से आगाह किया है.

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Tawi River Flood Warning: जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण तवी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. इस बीच, भारत ने मानवीय आधार पर एक बड़ा कदम उठाते हुए पड़ोसी देश पाकिस्तान को तवी नदी में संभावित बाढ़ के खतरे से आगाह किया है. यह कदम तब उठाया गया, जब मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था. 

तवी नदी में उफान

जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तवी, झेलम और रावी जैसी प्रमुख नदियों को विकराल रूप दे दिया है. इस स्थिति को देखते हुए भारत ने पाकिस्तान को तवी नदी में संभावित बाढ़ के बारे में सूचित किया.

सूत्रों के हवाले से पाकिस्तानी अखबार द न्यूज ने बताया कि इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग ने रविवार को यह चेतावनी दी. हालांकि, भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है. आमतौर पर ऐसी सूचनाएं सिंधु जल आयुक्त के माध्यम से साझा की जाती हैं, लेकिन संधि स्थगित होने के बावजूद भारत ने यह कदम उठाया. 

मई के बाद पहला बड़ा संपर्क

पाकिस्तानी सूत्रों के अनुसार, मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद यह पहला बड़ा संपर्क है.  इसके बावजूद, भारत ने पड़ोसी देश को प्राकृतिक आपदा से बचाने के लिए यह कदम उठाया, जो दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग का उदाहरण है. 

जम्मू-कश्मीर में मौसम का कहर

मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया है. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है. जल शक्ति मंत्री ने सभी प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों के जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं. खराब मौसम के कारण जम्मू संभाग में सोमवार को सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहे. इसके साथ ही, जम्मू-कश्मीर विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 11वीं कक्षा की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया. 

भारत का मानवीय दृष्टिकोण

भारत का यह कदम न केवल पड़ोसी देश के प्रति उसकी जिम्मेदारी को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि राजनीतिक तनाव के बावजूद मानवीय मूल्य सर्वोपरि हैं. तवी नदी में बाढ़ की चेतावनी देकर भारत ने एक बार फिर साबित किया कि वह प्राकृतिक आपदाओं के समय सहयोग के लिए तैयार है.