जेफरी एपस्टीन के नए फाइलों में भारतीय लड़की के पीड़ित होने का खुलासा, ईमेल में हुई बातचीत से मचा हड़कंप!

एक ईमेल में अमेरिकी अधिकारियों के बीच बातचीत है, जिसमें 'एपस्टीन विक्टिम्स' शीर्षक से संदेश है. इसमें न्यूयॉर्क क्राइम विक्टिम्स कंपेंसेशन की वेबसाइट का लिंक दिया गया है और पीड़ितों को आवेदन करने की सलाह है. फ्लोरिडा में रहने वालों के लिए थेरेपी सेशन कवर करने की बात है. सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भारत में रहने वाली एक पीड़िता के बारे में है. 

Date Updated Last Updated : 16 February 2026, 01:04 PM IST
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नई दिल्ली: अमेरिकी फाइनेंशियर और दोषी सेक्स ट्रैफिकर जेफरी एपस्टीन से जुड़ी नवीनतम जारी फाइलों में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इन दस्तावेजों से पता चलता है कि एक भारतीय लड़की भी एपस्टीन की पीड़ितों में शामिल थी. अमेरिकी अधिकारी उसकी तलाश में थे ताकि उसे पीड़ितों के मुआवजे फंड से कनेक्शन दिया जा सके. ये फाइलें जनवरी 2020 की हैं, जब एपस्टीन की मौत (अगस्त 2019) हो चुकी थी.

एक ईमेल में अमेरिकी अधिकारियों के बीच बातचीत है, जिसमें 'एपस्टीन विक्टिम्स' शीर्षक से संदेश है. इसमें न्यूयॉर्क क्राइम विक्टिम्स कंपेंसेशन की वेबसाइट का लिंक दिया गया है और पीड़ितों को आवेदन करने की सलाह है. फ्लोरिडा में रहने वालों के लिए थेरेपी सेशन कवर करने की बात है. सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा भारत में रहने वाली एक पीड़िता के बारे में है. 

'द पाइनर' की रिपोर्ट के मुताबिक ईमेल में लिखा है- 'और आखिर में भारत में स्थित व्यक्ति के बारे में. अगर आप मुझे उसका पता और संपर्क जानकारी दे सकें, तो मैं वहां के दूतावास में अपने सहयोगियों से समन्वय करूंगा.' पीड़िता का नाम और अन्य विवरण ब्लैक आउट (काले कर दिए गए) हैं, जो गोपनीयता के लिए किया गया है. अधिकारी अमेरिकी दूतावास के माध्यम से उस तक पहुंचना चाहते थे ताकि मुआवजा और सहायता मिल सके. यह खुलासा एपस्टीन के व्यापक सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क की गहराई दिखाता है, जो कई देशों तक फैला था. इन फाइलों में भारत से जुड़े अन्य संदर्भ भी हैं.

एक ईमेल (5 जून 2014) में बिल गेट्स ने एपस्टीन से पूछा- 'क्या डॉ. वर्धन (तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन) आपका सितंबर 17 को भारत में लक्ष्य बैठक है?' यह दिखाता है कि एपस्टीन उच्च-स्तरीय संपर्कों में शामिल था. एक अन्य ईमेल (2 अप्रैल 2017) में एपस्टीन के सहयोगी गिनो यू ने पूछा कि क्या वह दिलीप चेरियन से मिलना चाहेंगे. दिलीप चेरियन एक प्रमुख पीआर कंपनी के प्रमोटर हैं, जिन्हें भारत में प्रभावशाली बताया गया.

ईमेल में लिखा- 'क्या आप मेरे दोस्त दिलीप से मिलना चाहेंगे, जो भारत में बहुत प्रभावशाली हैं? वह 3-6 अप्रैल तक पेरिस में हैं. उन्होंने अपनी विज्ञापन और पीआर कंपनी 160 मिलियन डॉलर में बेच दी.' एक और ईमेल (10 जून 2018) में जाइड जेटलिन ने एपस्टीन को भारत में 'फेक न्यूज' के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि भारतीय हेडलाइंस पुरानी और झूठी हैं, जो नौ साल पहले व्हाइट हाउस और यूएस सीनेट द्वारा क्लियर हो चुकी थीं. यह IMIL कंपनी से जुड़ा था, जहां वह डायरेक्टर थे, लेकिन व्यक्तिगत आरोप नहीं थे. 

उन्होंने इसे ब्लैकमेल की कोशिश बताया और 'वॉशिंगटन थिएटर इंसाइटेड बाय इंडियन बैड बिहेवियर' कहकर मजाक उड़ाया. ये दस्तावेज अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए हैं, जो एपस्टीन जांच से जुड़े लाखों पेज हैं. नाम आने से जुर्म का मतलब नहीं, लेकिन ये एपस्टीन के वैश्विक नेटवर्क को उजागर करते हैं. 

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