पन्नून मर्डर प्लॉट में आरोपी निखिल गुप्ता ने किया गुनाह कबूल, न्यूयॉर्क कोर्ट में ड्रामेटिक टर्न, 40 साल तक की सजा का खतरा

न्यूयॉर्क में खालिस्तानी अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नून की कथित हत्या की साजिश से जुड़े मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है.

Date Updated Last Updated : 14 February 2026, 08:24 AM IST
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Courtesy: @YashSinghTomar4 X account

न्यूयॉर्क: न्यूयॉर्क में खालिस्तानी अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नून की कथित हत्या की साजिश से जुड़े मामले में भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. निखिल गुप्ता के कबूलनामे ने इस बहुचर्चित मामले को एक नया मोड़ दे दिया है.

54 वर्षीय निखिल गुप्ता ने मैनहट्टन की संघीय अदालत में अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के सामने तीन गंभीर आरोपों को स्वीकार किया है जिसमें उसने स्वीकारा कि वह सुपारी लेकर हत्या, हत्या की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग करता था. इन आरोपों में उन्हें अधिकतम 40 वर्ष तक की सजा हो सकती है. उनकी सजा पर अंतिम फैसला 29 मई को जिला न्यायाधीश विक्टर मैरेरो सुनाएंगे.

अमेरिकी अधिकारियों का कड़ा रुख

अमेरिकी अटॉर्नी जे क्लेटन ने गुप्ता के दोषी ठहराए जाने के बाद कहा कि किसी भी विदेशी तत्व को यह भ्रम नहीं होना चाहिए कि वह अमेरिका में कानून से बच सकता है. एफबीआई के अधिकारियों ने भी स्पष्ट संदेश दिया कि अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.

जानिए क्या है पूरा मामला?

दरअसल कथित तौर पर आरोपी गुप्ता ने न्यूयॉर्क में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की योजना बनाई थी. आरोप है कि उन्होंने यह साजिश अपने सह आरोपी विकास यादव के कहने पर रची थी. मई 2023 में कथित तौर पर गुप्ता को हत्या की व्यवस्था करने का जिम्मा सौंपा गया. 

इसके बाद उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति से संपर्क किया जिसे वे आपराधिक सहयोगी समझ रहे थे, लेकिन वह अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी के साथ काम करने वाला गुप्त एजेंट निकला.

पैसों का लेन-देन और खुलासा

जून 2023 में इस साजिश के तहत 15,000 अमेरिकी डॉलर की एडवांस नकद दी गई. पूरी योजना 100,000 डॉलर में तय की गई थी. अमेरिकी एजेंसियों की सतर्कता के कारण यह साजिश समय रहते उजागर हो गई.

भारत की प्रतिक्रिया

भारत ने इस कथित साजिश से खुद को अलग बताया है और कहा है कि ऐसा कोई भी कृत्य सरकारी नीति के खिलाफ है. नवंबर 2023 में भारत ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की, जिसने जनवरी 2025 में अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की.

कौन हैं गुरपतवंत सिंह पन्नून?

पन्नून प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ का प्रमुख है. भारत ने उसे आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत आतंकवादी घोषित किया है. उन पर अलगाववाद और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप हैं.

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