होंडुरास: मध्य अमेरिकी देश होंडुरास में गुरुवार को हुई दो अलग-अलग खूनी घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. बंदूकधारियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर कम से कम 25 लोगों की जान ले ली, जिनमें छह पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक, दोनों हमले अलग-अलग इलाकों में हुए. लोक अभियोजक कार्यालय के प्रवक्ता यूरी मोरा ने बताया कि पहला हमला उत्तरी होंडुरास के ट्रूजिलो नगर पालिका स्थित एक बागान में हुआ. यहां हथियारबंद लोगों ने मजदूरों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध गोलियां चलाईं. इस हमले में कम से कम 19 श्रमिकों की मौत हो गई.
जानकारी के अनुसार इस इलाका लंबे समय से जमीन और कृषि अधिकारों को लेकर संघर्ष का केंद्र रहा है. यहां प्राकृतिक संसाधनों और खेती की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद लगातार होते रहे हैं. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इस क्षेत्र में काम करने वाले पर्यावरण और भूमि अधिकार कार्यकर्ताओं को अक्सर धमकियां मिलती रहती हैं.
पिछले साल पर्यावरण नेता जुआन लोपेज की हत्या ने भी इस क्षेत्र की खतरनाक स्थिति को उजागर किया था. वह प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए आवाज उठा रहे थे. गैर-सरकारी संगठन ग्लोबल विटनेस के अनुसार, होंडुरास पर्यावरण कार्यकर्ताओं के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में गिना जाता है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में पांच पर्यावरण कार्यकर्ताओं की हत्या हुई, जबकि उससे एक साल पहले 18 लोगों की जान गई थी.
दूसरी घटना ग्वाटेमाला सीमा के पास कोर्टेस विभाग के ओमोआ नगर पालिका में हुई. यहां हमलावरों ने पुलिस टीम को निशाना बनाया. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जवान गिरोह-विरोधी अभियान के लिए जा रहे थे, तभी उन पर अचानक हमला कर दिया गया. इस हमले में एक वरिष्ठ अधिकारी समेत छह पुलिसकर्मियों की मौत हो गई.
राष्ट्रीय पुलिस प्रवक्ता एडगार्डो बाराहोना ने बताया कि ट्रूजिलो में मृतकों की सही संख्या पता करना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि कई परिवार अपने परिजनों के शव तुरंत घर ले गए. उन्होंने कहा कि जांच के लिए विशेष टीमें मौके पर भेज दी गई हैं. वहीं, सुरक्षा मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय पुलिस और सशस्त्र बल दोनों प्रभावित क्षेत्रों में संयुक्त अभियान चलाएंगे. जांच में फोरेंसिक विशेषज्ञों और अभियोजकों को भी शामिल किया गया है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके.
होंडुरास लंबे समय से गिरोहों और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी हिंसा का सामना कर रहा है. हालांकि विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, देश में हत्या की दर पहले की तुलना में कुछ कम हुई है. 2011 में यहां प्रति एक लाख लोगों पर 83 हत्याएं दर्ज की गई थीं, जो बेहद चिंताजनक स्तर था.