नई दिल्ली: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों को बीच तनाव दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं. ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड को लेकर बयान जारी कर रहे हैं, साथ ही यह भी कह रहे हैं कि यदि कोई देश ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका से सहमत नहीं होगा तो उस पर टैरिफ बढ़ाया जा सकता है. अब यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख और यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलास ने अमेरिका को चेतावनी दे डाली है. हालांकि अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ रहे इस तनाव का फायदा रूस और चीन को मिल सकता है.
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखते हुए कहा कि चीन और रूस सहयोगी देशों के बीच फूट का लाभ उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर ग्रीनलैंड की सुरक्षा वास्तव में खतरे में है, तो इसे व्यापारिक उपायों के बजाय NATO के भीतर ही हल करना चाहिए. उनका मानना है कि टैरिफ से दोनों तरफ (यूरोप और अमेरिका) नुकसान हो सकता है.
China and Russia must be having a field day. They are the ones who benefit from divisions among Allies.
— Kaja Kallas (@kajakallas) January 17, 2026
If Greenland’s security is at risk, we can address this inside NATO.
Tariffs risk making Europe and the United States poorer and undermine our shared prosperity.
We also…
काजा कैलास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि, टैरिफ लगाना किसी भी बात का हल नहीं है, इससे दोनो ही देश गरीब होंगे. इससे साझा समृद्धि प्रभावित होगी. साथ ही इससे ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों (अमेरिका-यूरोप) में भी दरार होगी.'
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि 1 फरवरी से आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामानों पर नए टैरिफ लगाए जाएंगे. यह टैरिफ जून में और बढ़ जाएंगे. ट्रम्प ने इस कदम के पीछे ग्रीनलैंड से जुड़ी 'राष्ट्रीय सुरक्षा' चिंता का हवाला दिया है. टैरिफ लगाने वाले देशों में ब्रिटेन, डेनमार्क, फ्रांस, जर्मनी, फिनलैंड, नीदरलैंड और नॉर्वे शामिल हैं.