'हम 51वां राज्य नहीं बनेंगे!' ट्रंप की धमकियों के बीच भारत आ सकते हैं कनाडा PM कार्नी

विश्व की राजनीति के शतरंज पर मोहरे तेजी से बदल रहे हैं. कभी भारत के साथ कड़वाहट भरे रिश्तों के लिए चर्चा में रहने वाला कनाडा, अब अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए नई दिल्ली की ओर हाथ बढ़ा रहा है.

Date Updated Last Updated : 26 January 2026, 07:15 PM IST
फॉलो करें:
Courtesy: AI

नई दिल्ली: विश्व की राजनीति के शतरंज पर मोहरे तेजी से बदल रहे हैं. कभी भारत के साथ कड़वाहट भरे रिश्तों के लिए चर्चा में रहने वाला कनाडा, अब अपनी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए नई दिल्ली की ओर हाथ बढ़ा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ वॉर और कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य न बनने देने की जिद ने प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को भारत के साथ व्यापार विविधीकरण के लिए मजबूर कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप भारत के खिलाफ एक्शन ले रहे हैं. वहीं कनाडा का ऐसा रूख चौंकाने वाला है. यह देखने वाली बात है कि इस नजदीकी का असर विश्व राजनीति पर पड़ेगा.

मार्च में हो सकती है बड़ी डील

बता दें कि कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी मार्च के पहले सप्ताह में भारत का ऐतिहासिक दौरा करेंगे. भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक के अनुसार, यह यात्रा भारत के केंद्रीय बजट के ठीक बाद होगी. यूरेनियम, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़े समझौतों की उम्मीद है. जस्टिन ट्रूडो के समय से चली आ रही दो साल की राजनयिक ठंडक अब खत्म होती दिख रही है.

ट्रंप का टैरिफ तूफान

कनाडा के इस यू-टर्न के पीछे वॉशिंगटन से आने वाली धमकियां हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि कनाडा चीनी सामानों के लिए बैकडोर बना, तो कनाडाई सामानों पर 100% टैरिफ लगा दिया जाएगा. कनाडाई विदेश मंत्री अनीता आनंद ने साफ शब्दों में कहा है कि कनाडा अपने सारे अंडे एक ही टोकरी में नहीं रख सकता. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगले 10 साल में गैर-अमेरिकी निर्यात को दोगुना करना अब मजबूरी है. इसी रणनीति के तहत अनीता आनंद और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच फलदायक बातचीत हुई है.

भारत के लिए डबल बोनस

भारत के लिए यह समय कूटनीतिक जीत का है. एक तरफ जहां ट्रंप ने भारत पर भी टैरिफ बढ़ाए हैं, वहीं दूसरी तरफ कनाडा खुद चलकर भारत के पास आ रहा है. यूरोपीय संघ के साथ सभी सौदों की जननी कहे जाने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर होने वाले हैं, जिसके नेता गणतंत्र दिवस पर भारत में ही मौजूद हैं.

सम्बंधित खबर