ब्रिटेन में यौन शोषण का चौंकाने वाला खुलासा, 85 इलाकों में सक्रिय हैं पाकिस्तानी मूल के ग्रूमिंग गैंग

ब्रिटेन में बाल यौन शोषण की गंभीर समस्या ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं. ब्रिटिश संसद के निर्दलीय सांसद रूपर्ट लोव ने अपनी निजी जांच के आधार पर सनसनीखेज खुलासा किया है.

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Britain Child Sexual Abuse: ब्रिटेन में बाल यौन शोषण की गंभीर समस्या ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं. ब्रिटिश संसद के निर्दलीय सांसद रूपर्ट लोव ने अपनी निजी जांच के आधार पर सनसनीखेज खुलासा किया है.

उनकी रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन के कम से कम 85 क्षेत्रों में संगठित गिरोह द्वारा बाल यौन शोषण (Gang-based Child Sexual Exploitation) का घिनौना खेल दशकों से चल रहा है. इस मामले में मुख्य रूप से पाकिस्तानी मूल के पुरुषों की संलिप्तता सामने आई है.

सांसद की निजी जांच ने उजागर की कड़वी सच्चाई

रूपर्ट लोव ने यह जांच ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर द्वारा शुरू की गई राष्ट्रीय जांच से पहले स्वतंत्र रूप से शुरू की थी. जून 2025 में शुरू हुई सरकारी जांच से पहले ही लोव की टीम ने इस मामले की गहराई में जाकर तथ्य जुटाए. उनकी रिपोर्ट में सामने आया कि यह समस्या न केवल वर्तमान में बल्कि 1960 के दशक से भी चली आ रही है. 

पीड़ितों की अनसुनी पुकार 

रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि ग्रूमिंग गैंग्स की शिकार ज्यादातर अश्वेत लड़कियां थीं, जिन्हें नशे की दवाइयां देकर, डराकर और धमकाकर यौन शोषण का शिकार बनाया गया. पीड़ितों ने बताया कि उन्हें बचपन से ही इस जाल में फंसाया गया, तस्करी की गई और चुप रहने के लिए मजबूर किया गया. चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकारियों ने इन पीड़ितों को न केवल नजरअंदाज किया, बल्कि उन्हें पीड़ित के रूप में स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया.

सांसद ने सोशल मीडिया पर साझा की रिपोर्ट

26 अगस्त, 2025 को सांसद रूपर्ट लोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर अपनी जांच के निष्कर्ष साझा किए. उन्होंने कहा, “यह ब्रिटेन में अब तक का सबसे बड़ा रेप गैंग कांड है. जांच में पाकिस्तानी मूल के पुरुषों की संलिप्तता और सरकारी संस्थाओं की लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई है.”

उनकी इस रिपोर्ट ने ब्रिटेन में यौन शोषण की गंभीर समस्या पर एक बार फिर से बहस छेड़ दी है. यह खुलासा ब्रिटेन की कानून व्यवस्था और सरकारी तंत्र की नाकामी को उजागर करता है. इस मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके.