नई दिल्ली: रक्षा बंधन के पर्व पर देश की राजधानी दिल्ली में एक महिला यात्रियों की सुरक्षा और ऑटो-कैब एग्रीगेटर्स की मनमानी पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मशहूर डिजिटल कंटेंट क्रिएटर रीतू पटेल ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए ऐप आधारित कैब सेवा रैपिडो के ड्राइवर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रीतू का दावा है कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट टर्मिनल-1 जाते समय कैब चालक ने निर्धारित किराए के अलावा जबरन 200 रुपये अतिरिक्त मांगने की कोशिश की। पैसे देने से इनकार करने पर चालक ने यात्रा पूरी करने से मना कर दिया, जिससे ऐप-आधारित टैक्सियों के हिडन चार्जेस और मनमाने रवैये को लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है।
डिपार्चर चार्ज के नाम पर वसूली की कोशिश
रीतू चंडीगढ़ से दिल्ली पहुंची थीं और उन्हें आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 जाना था। जब उन्होंने रैपिडो ऐप के जरिए कैब बुक की, तो किराया 353 रुपये दर्शाया जा रहा था। पिकअप लोकेशन से महज 100 मीटर की दूरी पर पहुंचते ही कैब ड्राइवर ने रीतू को फोन मिलाया और 200 रुपये अतिरिक्त देने की शर्त रख दी।
दूसरे चालक के खुलासे से खुली पोल
रीतू द्वारा केवल ऐप में दिख रहे निर्धारित किराए का भुगतान करने पर अड़े रहने के कारण, ड्राइवर ने यात्रा रद्द करने का दबाव बनाया और सवारी ले जाने से स्पष्ट इनकार कर दिया। पहली राइड रद्द होने के बाद रीतू ने दोबारा दूसरी कैब बुक की। जब उन्होंने नए ड्राइवर से इस तथाकथित 'डिपार्चर चार्ज' के बारे में सवाल किया, तो उसने साफ किया कि एयरपोर्ट जाने के लिए ऐसा कोई भी अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं होता है।
दूसरे चालक ने बताया कि पिछला ड्राइवर उन्हें भ्रमित कर अनुचित लाभ कमाने की फिराक में था। रीतू ने राहत की सांस लेते हुए महसूस किया कि रोजाना न जाने कितने यात्री ऐसी गुमराह करने वाली बातों में आकर एक्स्ट्रा पैसे लुटा देते होंगे। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर रैपिडो से शिकायत दर्ज कराई और अन्य यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी।
सोशल मीडिया पर उठा आक्रोश
वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट होने के बाद तेजी से प्रसारित होने लगा और इस पर उपयोगकर्ताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। यद्यपि रीतू ने अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए कंपनी को टैग भी किया है, लेकिन रैपिडो की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उधर, इस मुद्दे पर इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की राय बंटी हुई नजर आई। कई लोगों ने माना कि इसमें एग्रीगेटर ऐप की जगह कैब चालकों की व्यक्तिगत लालच और मनमानी जिम्मेदार है, वहीं कुछ का कहना था कि रैपिडो अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवर्स के व्यवहार को नियंत्रित करने में नाकाम रहा है। कई अन्य यात्रियों ने भी एयरपोर्ट और अंतरराज्यीय रूट्स पर ड्राइवरों द्वारा एक्स्ट्रा कैश मांगे जाने की शिकायतें साझा कीं।