'अपनी बीवी की कसम खा कर बोलो...' सपा विधायक और योगी सरकार के मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है. आज विधानसभा में एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला. सदन में समाजवादी और भाजपा विधायकों के बीच सवाल-जवाब का अद्भुत दौर देखने को मिला.

Date Updated Last Updated : 12 August 2025, 01:57 PM IST
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UP Vidhan Sabha: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है. आज विधानसभा में एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला. सदन में समाजवादी और भाजपा विधायकों के बीच सवाल-जवाब का अद्भुत दौर देखने को मिला.

दरअसल, सदन में एक सपा विधायक ने यूपी सरकार के मंत्री से हर गांव पानी योजना पर सवाल पूछा. जिसके जवाब में यूपी के मंत्री ने कहा, "साहब, अपनी पत्नी की कसम खाकर बताइए कि आपके गांव तक पानी नहीं पहुंचता." सदन में ये नजारा काफी अजीब-ओ-गरीब था. इस बयान ने सदन में हंगामे की स्थिति पैदा कर दी. आइए, इस घटना के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से समझते हैं.

जल जीवन मिशन पर सपा विधायक का सवाल

सदन में सपा विधायक फहीम इरफान ने जल जीवन मिशन की खामियों को उजागर करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत गांवों में पानी की आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है. कई जगहों पर पानी का दबाव इतना कम है कि आधे घंटे में मुश्किल से एक बाल्टी पानी भर पाता है.

फहीम ने यह भी आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के आने के बाद हैंडपंप की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई. उन्होंने ठेकेदारों पर भी निशाना साधा, जिन्हें इस योजना का जिम्मा दिया गया.

विधायक के अनुसार, ठेकेदारों ने सड़कें तोड़ दीं और पानी की टंकियां बनाईं, लेकिन कई जगह टंकियां गिर गईं, जिसके कारण कुछ लोगों की जान भी चली गई. फहीम ने सवाल किया कि ऐसी दुर्घटनाओं का मुआवजा कौन देगा सरकार या ठेकेदार? 

स्वतंत्र देव सिंह का विवादित जवाब

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने फहीम के सवालों का जवाब देते हुए दावा किया कि प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 5 लाख 63 हजार 992 किलोमीटर वितरण प्रणाली में से 5 लाख 15 हजार किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है.

हालांकि, जवाब देते समय स्वतंत्र देव सिंह ने विवादास्पद टिप्पणी की. उन्होंने फहीम से कहा, “अपनी बीवी की कसम खाकर बताएं कि आपके गांव में पानी नहीं पहुंचा. अगर ऐसा है तो मैं आज ही इस्तीफा दे दूंगा.” इस बयान ने सदन में तनाव की स्थिति पैदा कर दी. 

फहीम इरफान का पलटवार

स्वतंत्र देव सिंह के इस बयान का सपा विधायक फहीम इरफान ने तीखा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि केवल उनके गांव में पानी पहुंचने की बात नहीं है, बल्कि पूरे जिले की स्थिति की जांच कराई जानी चाहिए. फहीम ने कहा, “मंत्री जी को ‘बीवी की कसम’ की बात करने से पहले पूरी स्थिति की जांच करानी चाहिए. मैं विधानसभा से इस्तीफा देने को तैयार हूं, अगर सरकार अपनी नाकामियों को स्वीकार करे.”

जल जीवन मिशन की वास्तविकता पर सवाल

फहीम इरफान ने जल जीवन मिशन की प्रगति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने सरकार की ओर से दी गई 1 लाख 96 हजार सड़कों की मरम्मत की रिपोर्ट को झूठा करार दिया. उन्होंने पूछा कि क्या सरकार ने कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए कोई समिति गठित की है, और यदि नहीं, तो यह कब तक होगा? यह घटना उत्तर प्रदेश विधानसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव को दर्शाती है.

जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर सवाल-जवाब के दौरान व्यक्तिगत टिप्पणियों ने बहस को और गरमा दिया. यह देखना होगा कि सरकार इस विवाद को कैसे सुलझाती है और क्या जल जीवन मिशन की कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.

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