ईरान के प्रेसिडेंट ने हमलों के लिए पड़ोसियों से माफी मांगी, ट्रंप की सरेंडर करने की मांग को ठुकराया

पेजेशकियन ने कहा कि ईरान की टेम्पररी लीडरशिप काउंसिल ने पड़ोसी देशों के खिलाफ मिसाइल हमलों को रोकने का फैसला किया है. साथ ही हमलों के लिए पड़ोसियों से माफी मांगी है.

Date Updated Last Updated : 07 March 2026, 04:11 PM IST
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ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को बढ़ते क्षेत्रीय संघर्ष के बीच हाल के हमलों के लिए पड़ोसी देशों से माफी मांगी. उन्होंने कहा कि तेहरान का दूसरे देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है, भले ही इजराइल और यूनाइटेड स्टेट्स के साथ दुश्मनी बढ़ गई हो. एक टेलीविजन संबोधन में पेजेशकियन ने कहा कि ईरान की टेम्पररी लीडरशिप काउंसिल ने पड़ोसी देशों पर हमलों को रोकने और मिसाइल लॉन्च को रोकने का फैसला किया है, जब तक कि वे देश ईरान के खिलाफ हमले शुरू न करें.

पेजेशकियन का बयान

पेजेशकियन ने कहा, "मैं पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं. हमारा दूसरे देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है," और कहा कि यह फैसला क्षेत्र में और तनाव को रोकने के लिए लिया गया था. ईरान ने पड़ोसियों पर हमले रोक दिए हैं. पेजेशकियन ने कहा कि लीडरशिप काउंसिल ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने के एक कदम को मंज़ूरी दे दी है, साथ ही ईरान पर हमला होने पर जवाब देने का अधिकार भी बरकरार रखा है. उन्होंने कहा, "टेम्पररी लीडरशिप काउंसिल ने घोषणा की है कि पड़ोसी देशों पर और हमले नहीं होंगे. कोई मिसाइल लॉन्च नहीं किया जाएगा, जब तक कि उन देशों से ईरान पर हमला न हो."

ट्रंप ने बिना शर्त सरेंडर की मांग की

शनिवार को युद्ध अपने दूसरे हफ्ते में पहुंच गया और इस बात पर अनिश्चितता बढ़ गई कि दुश्मनी कब खत्म होगी. अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर दबाव फिर से बढ़ाया, और ईरान से बिना शर्त सरेंडर की मांग की. "ईरान के साथ बिना शर्त सरेंडर के अलावा कोई डील नहीं होगी!" ट्रंप ने शुक्रवार को अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान में नई लीडरशिप आने के बाद, वॉशिंगटन और उसके साथी देश की इकॉनमी को फिर से बनाने के लिए काम करेंगे.

पूरे इलाके में फैली जंग

यह लड़ाई ईरान की सीमाओं से काफी आगे तक फैल गई है, ईरान ने इज़राइल और कई खाड़ी देशों पर हमला किया है, जहां US मिलिट्री बेस हैं. शनिवार सुबह मिसाइलें इज़राइल की ओर उड़ती देखी गईं, क्योंकि इज़राइली एयर डिफेंस को ईरानी हमलों को रोकने के लिए एक्टिवेट किया गया था. जवाब में इजराइल ने तेहरान में इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए हमलों की एक नई लहर शुरू की.

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