राजस्थान: राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक हब भिवाड़ी स्थित यूआईटी औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया. यहां एक मैटल फैक्ट्री की छत पर स्थापित ऑयल टैंकर में अचानक हुए भीषण धमाके के बाद भयंकर आग लग गई. टैंकर फटने से निकला खौलता और ज्वलनशील तेल हवा में उछलकर पास की दूसरी औद्योगिक यूनिट में फैल गया.
देखते ही देखते दोनों फैक्ट्रियां धूं-धूं कर जलने लगीं. इस दर्दनाक हादसे में दो श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए हैं. जिन्हें आनन-फानन में नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. आग की भयावहता को देखते हुए पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई.
स्थानीय पुलिस ल से मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय यूआईटी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित 'रामको मेटल कंपनी' की छत पर रखे एक बड़े ऑयल टैंकर में तकनीकी खराबी के चलते जोरदार ब्लास्ट हो गया. धमाके की गूंज इतनी तेज थी कि आसपास की फैक्ट्रियों की धरती हिल गई. टैंकर फटने के बाद उसमें मौजूद भारी मात्रा में ज्वलनशील तेल पूरी छत पर और नीचे जमीन पर फैल गया। जिसने तुरंत आग पकड़ ली.
जलते हुए ऑयल के छींटे और धार बहकर बगल में ही संचालित 'अल्शोक एलएलपी कंपनी' के परिसर तक पहुंच गई. आग ने कुछ ही मिनटों के भीतर दोनों कंपनियों के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में कई किलोमीटर दूर तक काले धुएं का गुबार साफ दिखाई देने लगा.
अल्शोक एलएलपी कंपनी के कर्मचारी रवि रोघा ने घटना के खौफनाक मंजर को बयां करते हुए बताया कि जब पड़ोसी फैक्ट्री की छत पर धमाका हुआ तो उनकी कंपनी में करीब 7 से 8 महिला और पुरुष श्रमिक काम कर रहे थे. आग को अपनी बिल्डिंग की तरफ तेजी से बढ़ता देख अंदर चीख-पुकार मच गई.
मैनेजमेंट और कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत फैक्ट्री के पिछले दरवाजे का रुख किया. मुख्य रास्ते पर आग होने के कारण कई कर्मचारियों ने अपनी जान बचाने के लिए फैक्ट्री की पिछली ऊंची दीवार को फांदकर बाहर छलांग लगा दी. समय रहते सभी को बाहर निकाल लिए जाने से एक बड़ा नरसंहार टल गया.
हादसे की सूचना मिलते ही भिवाड़ी फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं. दमकलकर्मियों ने आग को देखते हुए पानी और विशेष फोम की मदद से दोनों फैक्ट्रियों में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. भिवाड़ी थाना पुलिस ने भी घटना स्थल पर पहुंचकर सुरक्षा घेरा बनाया और अन्य उद्योगों में काम कर रहे मजदूरों को अलर्ट किया. फिलहाल पुलिस और फायर सेफ्टी अधिकारी आग लगने के वास्तविक कारणों और फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही की जांच कर रहे हैं.