NEET में चमके पंजाब के सरकारी स्कूलों के छात्र, 882 ने हासिल की सफलता, शिक्षा मंत्री ने साझा किए रिकॉर्ड आंकड़े

पंजाब की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था के लिए रविवार का दिन बहुत ही खास था. इस साल राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 के परिणामों में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की.

Date Updated Last Updated : 20 July 2026, 01:15 PM IST
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चंडीगढ़: पंजाब की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था के लिए रविवार का दिन बहुत ही खास था. इस साल राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 के परिणामों में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की. यह बात और भी खास है कि पेपर लीक के कारण रद्द हुई पहली परीक्षा के बाद देश भर में हुई पुनर्परीक्षा में छात्रों ने इतना अच्छा प्रदर्शन किया.

100 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त

परिणामों के बारे में बताते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने सफल विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने कहा कि यह सफलता पंजाब में चल रही शिक्षा क्रांति और शिक्षकों के निरंतर प्रयासों का प्रमाण है.

 2025 में 847 विद्यार्थी सफल हुए

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में 437 विद्यार्थी सफल हुए. 2025 में 847 विद्यार्थी सफल हुए. 2026 में 882 विद्यार्थी सफल हुए. 2024 के आंकड़ों से तुलना करें तो दो सालों के भीतर नीट पास करने वाले सरकारी स्कूलों के बच्चों की संख्या में 100 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई है.

प्रतीक कुमार की सफलता की कहानी

इस साल की सफलता की कहानियों में लुधियाना के 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' (सेखेवाल) के छात्र प्रतीक कुमार का नाम प्रमुखता से सामने आया है. प्रतीक ने नीट-यूजी 2026 में 720 में से 594 अंक हासिल किए और 99.3 पर्सेंटाइल प्राप्त किए. प्रतीक के पिता ने कहा कि शिक्षा ही हमारे परिवार की किस्मत बदलने का एकमात्र तरीका है. पंजाब सरकार की निःशुल्क कोचिंग और मॉक टेस्टों ने प्रतीक के सपनों को पंख दिए. प्रतीक ने पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के 'पेस' कार्यक्रम के माध्यम से मिलने वाले मुफ्त ऑनलाइन क्लास और मॉक टेस्ट की मदद से अपनी तैयारी पूरी की. प्रतीक का लक्ष्य भविष्य में एक कैंसर विशेषज्ञ बनकर पीड़ितों की सेवा करना है. उनकी यह यात्रा साबित करती है कि सही मार्गदर्शन से आर्थिक तंगी भी राह की रुकावट नहीं बनती.

पंजाब ने दिल्ली को पीछे छोड़ा

पंजाब के शिक्षा मंत्री स. हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार हर बच्चे को समान और विश्वस्तरीय अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है. हाल ही में जारी नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब ने केरल और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए देश भर में पहला स्थान हासिल किया है. मुफ्त कोचिंग, संरचित मेंटरशिप, और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बल पर पंजाब के सरकारी स्कूल अब केवल बुनियादी शिक्षा का केंद्र न रहकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी पहचान मजबूत कर रहे हैं. 

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