petrol diesel price : कच्चा तेल फिर हुआ महंगा! क्या अब तेज होने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के रेट जानें का आज का ताजा रेट

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई देने लगा है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच भारत में भी ईंधन को लेकर चिंता बढ़ गई है, जबकि नए पेट्रोल-डीजल रेट जारी कर दिए गए हैं.

Date Updated Last Updated : 17 July 2026, 10:58 AM IST
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Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब पूरी दुनिया के तेल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. लगातार हो रहे हमलों और तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है. इसी के साथ भारत में भी तेल आयात महंगा हो गया है, जिससे लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर इसका क्या असर पड़ेगा. फिलहाल तेल कंपनियों ने नए रेट जारी कर दिए हैं, जिनमें अलग-अलग शहरों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है.दक्षिण-एशियाई और प्रवासी

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष तेज होने के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊपर चढ़ गई हैं. युद्धविराम टूटने और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. इसके अलावा ईरान की ओर से हूती समूह को लाल सागर के रास्ते तेल निर्यात पर दबाव बनाने के संकेत मिलने के बाद बाजार में अस्थिरता और बढ़ गई है. ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 1.25 प्रतिशत बढ़कर 85.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी लगभग 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 79.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया. बीते एक सप्ताह में दोनों प्रमुख बेंचमार्क में लगभग 12 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है.भौगोलिक संदर्भ

भारत में भी महंगा हुआ तेल आयात

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई तेजी का असर भारत पर भी दिखाई देने लगा है. पिछले पांच से छह दिनों में भारत के लिए कच्चे तेल की खरीद लगभग 13 प्रतिशत तक महंगी हो गई है. हालांकि फिलहाल सरकारी और निजी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है. 17 जुलाई के लिए जारी नए रेट के अनुसार देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले की तरह लागू हैं. अलग-अलग राज्यों में स्थानीय टैक्स और वैट के कारण कीमतों में अंतर बना हुआ है.

देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के ताजा दाम
दिल्ली: 102.12 रुपये प्रति लीटर
मुंबई: 111.21 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता: 113.51 रुपये प्रति लीटर
बेंगलुरु: 110.93 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई: 107.77 रुपये प्रति लीटर
पटना: 113.35 रुपये प्रति लीटर
चंडीगढ़: 101.51 रुपये प्रति लीटर
हैदराबाद: 115.69 रुपये प्रति लीटर
भुवनेश्वर: 108.97 रुपये प्रति लीटर

देश के प्रमुख शहरों में डीजल के ताजा दाम
दिल्ली: 95.20 रुपये प्रति लीटर
मुंबई: 97.83 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता: 99.82 रुपये प्रति लीटर
बेंगलुरु: 98.80 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई: 99.55 रुपये प्रति लीटर
पटना: 99.36 रुपये प्रति लीटर
चंडीगढ़: 89.47 रुपये प्रति लीटर
हैदराबाद: 103.82 रुपये प्रति लीटर
भुवनेश्वर: 100.68 रुपये प्रति लीटर

तेल आपूर्ति पर बढ़ी चिंता

मध्य पूर्व में जारी सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं. अमेरिका ने लगातार कई दिनों तक ईरान के विभिन्न इलाकों में हवाई हमले किए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार इन अभियानों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है. दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन के जरिए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. रिपोर्टों के अनुसार जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस भी हमलों की जद में आया.

लाल सागर और होर्मुज पर बढ़ा संकट

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर के रास्ते तेल आपूर्ति में बाधा आती है तो इसका असर पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है. बताया जा रहा है कि ईरान ने अपने सहयोगी हूती समूह को संकेत दिए हैं कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रहते हैं तो लाल सागर के तेल मार्ग पर दबाव बढ़ाया जा सकता है. 

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यदि WTI क्रूड की कीमत मौजूदा स्तर से नीचे नहीं जाती और 70 डॉलर के ऊपर बनी रहती है, तो आने वाले समय में यह 80 से 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है. ऐसे में भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर भी इसका आर्थिक असर देखने को मिल सकता है.

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