E-20 पेट्रोल के खिलाफ CM भगवंत मान का मोर्चा, लोगों से की ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर की अपील

एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हर नागरिक को इस याचिका पर हस्ताक्षर कर अपनी आवाज़ बुलंद करनी चाहिए, ताकि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, जिसने जानबूझकर इस गंभीर मुद्दे की अनदेखी की है, को सुधारात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर किया जा सके।"

Date Updated Last Updated : 17 July 2026, 11:31 AM IST
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Courtesy: X/@BhagwantMann

चंडीगढ़: ई-20 पेट्रोल के कारण उत्पन्न हो रही समस्याओं के खिलाफ आवाज़ बुलंद करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को लोगों से एकजुट होने और ई-20 पेट्रोल की आपूर्ति के माध्यम से उपभोक्ताओं के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध संघर्ष में शामिल होने का आह्वान किया.

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा शुरू किए गए अभियान का समर्थन करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने देशभर के नागरिकों से stopE20petrol.com पर ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया, ताकि इस मुद्दे से प्रभावित लोगों की चिंताएं प्रधानमंत्री तक पहुंच सकें.

ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील

एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "हर नागरिक को इस याचिका पर हस्ताक्षर कर अपनी आवाज़ बुलंद करनी चाहिए, ताकि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, जिसने जानबूझकर इस गंभीर मुद्दे की अनदेखी की है, को सुधारात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर किया जा सके."

अरविंद केजरीवाल की दो प्रमुख मांगें

मुख्यमंत्री ने कहा, "मोटरसाइकिलों से लेकर अन्य वाहनों तक, देशभर के लोग ई-20 पेट्रोल के कारण अपने वाहनों में विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना कर रहे हैं. इस शोषण के खिलाफ अरविंद केजरीवाल जी ने प्रधानमंत्री को दो महत्वपूर्ण मांगों के साथ पत्र लिखा है. पहली, लोगों को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 पेट्रोल में से अपनी पसंद का पेट्रोल चुनने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए. दूसरी, ई-20 पेट्रोल की कीमत तत्काल कम की जानी चाहिए. लोगों की आवाज़ केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक हस्ताक्षर महत्वपूर्ण है."

ई-20 पेट्रोल से वाहनों को नुकसान और बढ़ती चिंताएं

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "ई-20 पेट्रोल देशभर में वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है. वाहनों का माइलेज कम हो गया है और लोग लगातार केंद्र सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठा रहे हैं. दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनता की बढ़ती चिंताओं के बावजूद भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया. इसके विपरीत, वाहन मालिकों में यह चिंता बढ़ रही है कि उनकी मेहनत की कमाई से खरीदे गए वाहनों के इंजन को गंभीर क्षति पहुंच सकती है."

वाहन मरम्मत केंद्र के दौरे का जिक्र

उन्होंने कहा, "अरविंद केजरीवाल स्वयं लोगों की शिकायतें सुनने के लिए मैदान में उतरे. एक वाहन मरम्मत केंद्र के दौरे के दौरान उन्होंने खराब पड़े वाहनों की लंबी कतारें देखीं और लोगों में भारी रोष का अनुभव किया. इसके बाद उन्होंने तत्काल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिना किसी देरी के हस्तक्षेप करने की अपील की. क्या केंद्र सरकार तभी जागेगी, जब वाहनों को हो रहे नुकसान की गंभीरता प्रधानमंत्री के संज्ञान में आएगी?"

उपभोक्ताओं को पसंद का पेट्रोल चुनने का अधिकार मिले

मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को यह अधिकार मिलना चाहिए कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार किस प्रकार का पेट्रोल खरीदना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि दोनों प्रकार के पेट्रोल को एक ही कीमत पर बेचने के बजाय ई-20 पेट्रोल की कीमत शुद्ध पेट्रोल से कम होनी चाहिए. एक समान मूल्य वसूलने से बड़ी तेल कंपनियों को लाभ होता है, जबकि आम उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है.

केंद्र सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार की मांग

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "अरविंद केजरीवाल द्वारा शुरू की गई यह ऑनलाइन याचिका देश के प्रत्येक नागरिक की लड़ाई है. हर व्यक्ति को इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठानी चाहिए, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव लोगों और उनके परिवारों पर पड़ता है. मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर करें. हमारा सामूहिक संघर्ष केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और समाधान निकालने के लिए बाध्य कर सकता है. समय की मांग है कि केंद्र सरकार अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करे."

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