नई दिल्ली: वैश्विक कूटनीति के मंच पर भारत और तुर्की के रिश्तों को लेकर एक नया मोड़ सामने आया है. पाकिस्तान के बेहद करीबी माने जाने वाले तुर्की ने अब भारत के साथ अपने संबंधों पर खुलकर बात की है. साथ ही पाकिस्तान के साथ अपनी ऐतिहासिक 'भाईचारे वाली' दोस्ती का बचाव भी किया है.
विदेश मंत्री हाकन फिदान ने क्या कहा
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रैटजिक स्टडीज के एक कार्यक्रम में पहुंचे तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने भारत को एक तरह से नसीहत देते हुए कहा है कि नई दिल्ली को तुर्की और पाकिस्तान के रिश्तों को अलग नजरिए से देखना चाहिए.
मतभेदों को भूलकर आगे बढ़ने की वकालत
इन गंभीर आरोपों और तल्खी के बीच तुर्की अब डैमेज कंट्रोल की कोशिश में है. हाकन फिदान ने रूस, अमेरिका और यूरोपीय देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे कई देशों के साथ मतभेद हैं. लेकिन हम नकारात्मक मुद्दों को हटाकर आगे बढ़ते हैं. तुर्की के विदेश मंत्री के इस बयान से साफ है कि वह पाकिस्तान से अपनी सैन्य और रणनीतिक दोस्ती भी बरकरार रखना चाहता है और भारत के विशाल बाजार तथा वैश्विक प्रभाव को देखते हुए आर्थिक संबंध भी नहीं बिगाड़ना चाहता.
तुर्की के ड्रोन्स का कनेक्शन
तुर्की की इस कूटनीतिक सफाई के पीछे असल वजह हालिया सैन्य घटनाक्रम हैं. जिसने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं. मई 2026 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक भीषण आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था.
तुर्की कर रहा पाकिस्तान की मदद
इस ऑपरेशन के तहत भारतीय बलों ने सीमा पार जाकर आतंकी ठिकानों को खत्म किया था. इन रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले साल से ही तुर्की पर्दे के पीछे से पाकिस्तान की सैन्य मदद कर रहा था. तुर्की ने पाकिस्तान को लगभग 350 खतरनाक ड्रोन्स और सैन्य ऑपरेटर्स मुहैया कराए थे.
द्विपक्षीय विवाद नहीं फिर भी तनाव क्यों?
तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने जोर देकर कहा कि भारत और तुर्की के बीच कोई सीमा विवाद या सीधा द्विपक्षीय मुद्दा नहीं है. उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि भारत के साथ हमारे अच्छे संबंध रहें. हमारा कोई बुरा इतिहास भी नहीं रहा है. हमारे पास बेहतर रिश्ते रखने के कई सकारात्मक कारण हैं.
पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध
इस दौरान वह पाकिस्तान का पक्ष लेने से खुद को रोक नहीं पाए. फिदान ने कहा कि दुनिया में तुर्की अकेला ऐसा देश नहीं है जिसके पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध हैं. कई अन्य देशों की भी कुछ खास मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ ऐतिहासिक एकजुटता रही है.