निक्की भाटी की मौत के बाद कहां रहेगा उनका बेटा, भिखारी सिंह ने बताई सबकुछ

ग्रेटर नोएडा के सनसनीखेज निक्की भाटी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस मामले में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं, और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इसकी संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है.

Date Updated Last Updated : 01 September 2025, 11:22 AM IST
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Nikki Bhati murder case: ग्रेटर नोएडा के सनसनीखेज निक्की भाटी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस मामले में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं, और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इसकी संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है. निक्की के पिता भिखारी सिंह ने अपनी पीड़ा को बयां करते हुए बताया कि उनकी बेटी का सपना और उनकी जिंदगी एक पल में तबाह हो गई.

बेटी को दी थी हर खुशी

भिखारी सिंह ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने निक्की को लाड़-प्यार से पाला. उसकी छोटी-छोटी जरूरतों का ख्याल रखा, यहाँ तक कि जूस पिलाने के लिए उसे ग्रेटर नोएडा से गाजियाबाद के रमतेराम रोड तक ले जाते थे. स्कूल की पढ़ाई के लिए कार खरीदी, और शादी भी धूमधाम से की. लेकिन, किस्मत ने ऐसा धोखा दिया कि उनका सब कुछ छिन गया. भिखारी सिंह का कहना है, "हमने बेटी को हर सुख दिया, लेकिन ससुराल वालों की क्रूरता ने हमारी दुनिया उजाड़ दी."

दादा-दादी के पास रहेगा

निक्की के छह साल के मासूम बेटे का भविष्य अब भिखारी सिंह ने अपने हाथों में लिया है. उन्होंने साफ कहा कि निक्की का बेटा उनके पास रहेगा, और वह अपनी दूसरी बेटी कंचन को भी ससुराल नहीं भेजेंगे. भिखारी सिंह ने कहा, "बच्चों की परवरिश और सुरक्षा हमारा कर्तव्य है. मैं अब किसी और पर भरोसा नहीं कर सकता." यह फैसला उनके दुख और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है.

सख्ती से जांच जारी

निक्की की हत्या के मामले में उसकी बहन कंचन ने पति रोहित, देवर विपिन, सास दयावती, और ससुर सतवीर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं. कुछ सबूत फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं. पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.

दहेज की भेंट चढ़ी जिंदगी

निक्की हत्याकांड ने दहेज प्रथा और सामाजिक रूढ़ियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. भिखारी सिंह का कहना है कि शादी में स्कॉर्पियो, बुलेट और नकदी दी गई, फिर भी ससुराल वालों की मांगें खत्म नहीं हुईं. यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि दहेज जैसी कुप्रथा को खत्म करना कितना जरूरी है.

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