अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, UP उपचुनावों में अनियमितताओं के दावे

अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हमने देखा कि निर्वाचन आयोग किसी भी अधिकारी की ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं करता. चाहे आप कितनी भी शिकायतें करें, प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती.

Date Updated Last Updated : 22 July 2025, 05:35 PM IST
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Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में हाल के उपचुनावों में चुनावी अनियमितताओं को लेकर भारत निर्वाचन आयोग पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के कुंदरकी, मीरापुर और अयोध्या के मिल्कीपुर उपचुनावों में कथित तौर पर प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया. संसद के मानसून सत्र के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश ने इन उपचुनावों को लूट लिया गया करार दिया. 

यूपी में उपचुनावों में अनियमितता का दावा

अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हमने देखा कि निर्वाचन आयोग किसी भी अधिकारी की ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं करता. चाहे आप कितनी भी शिकायतें करें, प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती. मतदाता सूची को लेकर शिकायत करने पर भी प्रशासन सहयोग नहीं करता.

उन्होंने विशेष रूप से कुंदरकी और मीरापुर उपचुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन ने मिलकर इन चुनावों को प्रभावित किया. इसके अलावा, अयोध्या के मिल्कीपुर उपचुनाव में भी इसी तरह की अनियमितताओं का आरोप लगाया गया. 

मतदाता सूची विवाद में सपा का साथ

22 जुलाई 2025 को संसद के मकर द्वार पर अखिलेश यादव ने बिहार में मतदाता सूची के गहन निरीक्षण (SIR) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया. इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे. अखिलेश ने कहा कि भाजपा नहीं चाहती कि लोग वोट डालें. बिहार में जिस तरह की कार्रवाई हो रही है, वह उत्तर प्रदेश जैसी ही है. भाजपा ने जानबूझकर चुनाव आयोग के साथ मिलकर प्रशासन का दुरुपयोग किया और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए.

निर्वाचन आयोग पर सवाल

अखिलेश ने निर्वाचन आयोग पर आंख मूंदने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कई उदाहरण हैं जहां आयोग ने निष्पक्षता बनाए रखने में विफलता दिखाई. उन्होंने दावा किया कि प्रशासन और पुलिस के सहयोग से सत्तारूढ़ दल ने चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया. 

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