50 लाख के पार पहुंचा ई-स्वास्थ्य कार्ड का आंकड़ा, स्वास्थ्य मंत्री बोले- हर नागरिक तक पहुंचेगा इलाज

पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य के नागरिकों को बेहतर और कैशलेस चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है.

Date Updated Last Updated : 23 July 2026, 10:19 PM IST
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चंडीगढ़: पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य के नागरिकों को बेहतर और कैशलेस चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई 'मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना' लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है. इस योजना की शुरुआत के मात्र साढ़े छह महीनों के भीतर ही 5.12 लाख से अधिक लोगों को 914 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज दिया जा चुका है. राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने पटियाला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस योजना की प्रगति से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए.

50.3 लाख से अधिक ई-स्वास्थ्य कार्ड जारी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में अब तक 50.3 लाख से अधिक ई-स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं. इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक योग्य परिवार को बिना किसी आर्थिक तंगी के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है. योजना के तहत अब तक राज्य भर के 2,49,6313 परिवारों के 2,50,359 लोग लाभान्वित हुए हैं. इनमें से लगभग 1.65 लाख लाभार्थियों की सफल सर्जरी की गई है.

सरकारी और निजी अस्पतालों की संतुलित हिस्सेदारी

पंजाब सरकार ने इस योजना के तहत राज्य के 868 सरकारी और निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है. आंकड़ों के अनुसार, 45 प्रतिशत यानी 2,29,551 मामलों का इलाज सरकारी अस्पतालों में हुआ है. जबकि 55 प्रतिशत यानी 2,83,089 मामलों का इलाज निजी अस्पतालों में किया गया है. यह संतुलन सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत साझेदारी को दर्शाता है.

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना में 48 प्रतिशत पुरुष (24.3 लाख) और 52 प्रतिशत महिलाएं (26 लाख) शामिल हैं. वहीं भौगोलिक दृष्टि से 68 प्रतिशत लाभार्थी (34.2 लाख) ग्रामीण क्षेत्रों से और 32 प्रतिशत (16.1 लाख) शहरी क्षेत्रों से हैं.

इलाज उपलब्ध कराने के मामले में पटियाला और बठिंडा जिले राज्य भर में अग्रणी रहे हैं.

गंभीर बीमारियों के इलाज में बड़ी राहत

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत मरीजों को कैंसर उपचार, नी रिप्लेसमेंट (घुटने बदलना), मोतियाबिंद ऑपरेशन, एंजियोप्लास्टी, बाईपास सर्जरी, हिप रिप्लेसमेंट, किडनी रोग और क्रॉनिक हीमोडायलिसिस जैसे महंगे इलाज बिना किसी खर्च के मिल रहे हैं. अब तक 733 मरीजों का कैंसर का इलाज इस योजना के माध्यम से किया जा चुका है.

लुधियाना: 5,46,380 ई-कार्ड (2,69,372 परिवार)
पटियाला: 4,56,730 ई-कार्ड (2,15,373 परिवार)
जालंधर: 3,69,335 ई-कार्ड (1,85,285 परिवार)
होशियारपुर: 3,45,094 ई-कार्ड (1,64,941 परिवार)

शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 104

यदि कोई अस्पताल कैशलेस योजना के तहत इलाज के दौरान मरीज से पैसे की मांग करता है, बाहर से दवा मंगवाता है या जांच कराने को कहता है, तो नागरिक इसकी शिकायत सीधे 104 नंबर पर कर सकते हैं.

गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने फर्जीवाड़े और अनियमितताओं को रोकने के लिए अपनी जांच और ऑडिट प्रणाली को सख्त कर दिया है. जांच के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर 14 अस्पतालों पर 78 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि 6 मरीजों को 2.98 लाख रुपये वापस दिलवाए गए हैं. नियमों के उल्लंघन के चलते जालंधर के सर्वोदय अस्पताल को योजना की सूची से बाहर कर दिया गया है.

इस योजना के आधिकारिक ऐलान और उद्देश्य की अधिक जानकारी के लिए पंजाब सरकार की स्वास्थ्य योजना का विवरण पर वीडियो देखें, जिसमें पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह योजना की घोषणा और इसके लाभों के बारे में जानकारी दे रहे हैं.

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