नई दिल्ली: उत्तराखंड में एक बार फिर पेपर लीक का मामला सामने आने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UTU) ने सम सेमेस्टर 2025-26 की दो परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. विश्वविद्यालय की जांच में परीक्षा से पहले प्रश्न साझा किए जाने की बात सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया. इस घटना के बाद छात्र संगठन NSUI ने भी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है.
विश्वविद्यालय की प्रारंभिक जांच में पता चला कि 'मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स' विषय का प्रश्नपत्र तैयार करने वाले शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा से पहले कुछ प्रश्न छात्रों तक पहुंचा दिए थे.
आरोप है कि ये प्रश्न व्हाट्सएप ग्रुप और इंटरनल पोर्टल के माध्यम से साझा किए गए, जिससे परीक्षा की गोपनीयता पर सवाल उठ गए. जांच के दौरान 'इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी' विषय के प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने की आशंका भी सामने आई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. अब इन विषयों की दोबारा परीक्षा अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी. विश्वविद्यालय का कहना है कि छात्रों के साथ निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है.
विश्वविद्यालय ने आरोपी सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें अगले सात वर्षों तक सभी परीक्षा संबंधी कार्यों से प्रतिबंधित कर दिया है. साथ ही शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को भी परीक्षा प्रक्रिया में लापरवाही और निगरानी की कमी को लेकर चेतावनी जारी की गई है.
पेपर लीक की घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने का फैसला किया है. संगठन का आरोप है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. NSUI ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने की मांग की है.