पाकिस्तानी पंजाब के स्कूलों में पंजाबी पढ़ाने की घोषणा, एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने किया फैसले का स्वागत

उन्होंने कहा कि वर्तमान में पंजाब में नौवीं और दसवीं कक्षा से पंजाबी पढ़ाई जाती है, जिसके कारण पंजाबी मूल के बच्चों को लंबे समय तक अपनी मातृभाषा की शिक्षा से दूर रहना पड़ता है।

Date Updated Last Updated : 14 March 2024, 09:47 AM IST
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने पंजाब की नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री मरियम नवाज द्वारा सूबे के स्कूलों में पंजाबी पढ़ाई को लेकर की गई घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी राष्ट्र अपनी मातृभाषा से अलग होकर सफल नहीं हो सकता और अपने पूर्वजों की विरासत को भी याद करता है।

शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है कि 9 मार्च को पंजाब संस्कृति दिवस के अवसर पर पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने पाकिस्तान में घोषणा की है कि राज्य के स्कूलों में पंजाबी को एक विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। लहिंदे पंजाब में प्राथमिक कक्षाओं से पंजाबी को स्कूलों में एक विषय के रूप में पढ़ाया जाना चाहिए और वहां की राज्य सरकार को अपने द्वारा की गई घोषणा को तुरंत लागू करना चाहिए। लहिंदे पंजाब में पंजाबी पढ़ाने का मुद्दा काफी समय से चल रहा है और अब मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने जो घोषणा की है वह सराहनीय है और इसे गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए।

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