नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुरुवार (30 अप्रैल 2026) की शाम बरगी बांध पर बड़ा हादसा हो गया। अचानक आए तूफान और तेज लहरों के बीच पर्यटकों से भरी क्रूज नाव पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की जान चली गई। कई लोग अभी भी लापता हैं। देखते ही देखते हंसी-खुशी का सफर मातम में बदल गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस हादसे में बचे सैयद रियाज हुसैन ने दर्द बयां किया। जबलपुर के रहने वाले रियाज ने कहा, “मैंने अपनी मां को डूबते हुए देखा।” उनकी पत्नी, पोता और भाभी अब तक लापता हैं। दरअसल, क्रूज पर सवार छह लोगों का एक परिवार हंसी-मजाक कर रहा था। तभी अचानक नाव में पानी भरने लगा।
अफरा-तफरी मच गई। एक बेटी ने पिता का हाथ कसकर पकड़ रखा था। उसी वक्त उसने अपनी दादी को लहरों में समाते देखा। कुछ ही पलों में उसकी मां, भाई और दादाजी भी आंखों से ओझल हो गए। बचे युवक ने भरी आंखों से बताया, “मेरी मां और भाई लापता हैं। दादाजी मिल गए हैं।”
हादसे के बाद सेना, NDRF और SDRF की टीमें रेस्क्यू में जुटी हैं। नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध में तलाशी अभियान चल रहा है। इस दौरान एक महिला और उसके बेटे के शव बरामद हुए। दोनों एक-दूसरे को पकड़े हुए थे। जबलपुर के DIG अतुल सिंह ने बताया कि कुछ शव अब भी नाव के अंदर फंसे हो सकते हैं। लेकिन पानी में कम दिखने की वजह से सही संख्या पता करना मुश्किल है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार ने मृतकों के परिवारों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। अचानक आए तूफान ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। रेस्क्यू टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
अवगत करवाते चलें कि मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मामले की गहन जांच होगी। बचे हुए लोगों ने लाइफ जैकेट को लेकर सवाल उठाए हैं। इसकी भी जांच की जाएगी। हादसा क्यों हुआ, सुरक्षा इंतजाम पूरे थे या नहीं, इन सभी बिंदुओं पर कार्रवाई होगी।