CM भगवंत सिंह मान ने मजदूर दिवस के मौके पर श्रम वर्ग को दिया बड़ा तोहफा, 15% बढ़ी न्यूनतम मजदूरी

01 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर आज पंजाब विधान सभा ने 13 साल बाद न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के लिए सदन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया।

Date Updated Last Updated : 01 May 2026, 08:45 PM IST
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Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: 01 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर आज पंजाब विधान सभा ने 13 साल बाद न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी करने के लिए सदन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया। सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के सभी रजिस्टर्ड श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस बढ़ोतरी को श्रम वर्ग के योगदान के प्रति सम्मान बताया।

CM मान का मजदूर वर्ग को बड़ा तोहफा 

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा की महत्ता का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा ही श्रमिकों की जिंदगी सुधार सकती है और 'आप' की अगुवाई वाली सरकार शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधार कर रही है। उन्होंने विशेष सत्र से वाकआउट करने के लिए कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। इस मौके पर उन्होंने एलान किया कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान (संशोधन) एक्ट-2026 के पारित होने पर शुक्राना यात्रा निकाली जाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "श्रम श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी की बेस दर (मूल दर) आखिरी बार साल 2012 में संशोधित की गई थी। हालांकि साल 2012 से अब तक महंगाई भत्ता बढ़ता रहा है, लेकिन न्यूनतम मजदूरी की बेस दर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। मई दिवस के इस पवित्र दिन पर विधान सभा के इस विशेष सत्र में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है।"

15% तक बढ़ाई न्यूनतम मजदूरी 

इस बढ़ोतरी को मजदूरों के योगदान के प्रति सम्मान बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी सही मायनों में श्रमिकों के प्रति सच्चा सम्मान है, जो उनके योगदान की तारीफ करता है।" पूरा सदन प्रदेश की सामाजिक-आर्थिक तरक्की में श्रमिकों की मिसाल भूमिका को याद करता है। हालांकि यह बढ़ोतरी 13 साल पहले हो जानी चाहिए थी, लेकिन श्रमिकों के प्रति असंवेदनशील रवैये के कारण किसी ने भी यह बढ़ोतरी करने की कोशिश नहीं की।

पिछली सरकारों की नाकामी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "पिछली दो सरकारों का कार्यकाल इन मेहनतकश लोगों की मजदूरी बढ़ाए बिना ही गुजर गया, जबकि यह वर्ग समाज की रीढ़ की हड्डी है। विश्व स्तर पर मजदूरों के संघर्ष के प्रतीक माने जाने वाले मई दिवस पर मैं उन श्रमिकों को श्रद्धांजलि देता हूं, जिन्होंने साल 1886 में शिकागो में काम करने की हालत सुधारने के मसले पर अपनी जानें न्योछावर कर दी थीं।"

भगवंत सिंह मान का बड़ा ऐलान 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि श्रमिक और मजदूर वर्ग को विकास, शांति और खुशहाली के युग की शुरुआत के लिए आगे आना चाहिए और मई दिवस को सिर्फ ऐतिहासिक दिवस के तौर पर ही नहीं बल्कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ प्रण लेकर मनाना चाहिए। सरकार ने यह ऐतिहासिक पहल उनकी भलाई के लिए की है और रजिस्ट्रेशन में बढ़ोतरी के जरिए उनकी भलाई को और मजबूती मिलेगी।

CM मान ने विपक्ष पर साधा निशाना 

विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सत्र की शुरुआत सुहृदयता से हुई, लेकिन कांग्रेसी नेता इसे हजम नहीं कर सके और कोई मुद्दा न होने के बहाने इसका बहिष्कार कर दिया, जो बड़े जमींदारों, कारोबारियों और कुलीन वर्गों के रूप में उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है, जिन्हंै श्रमिकों की भलाई से कोई लेना-देना नहीं। इसके उलट 'आप' सरकार ने मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

शिक्षा सुधारों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव से सरकारी स्कूलों में अब कमजोर और पिछड़े वर्गों के बच्चे बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं और हाल ही में 359 विद्यार्थियों ने जेईई मेन की परीक्षा पास की है। उन्होंने बताया कि अपना अनुभव साझा करने वाले विद्यार्थियों में से 15 में से 9 से 10 बच्चे मजदूरों के थे। उन्होंने आगे कहा कि जब इन बच्चों को अच्छी प्लेसमेंट मिलेंगी, उनके परिवारों की किस्मत अपने-आप बदल जाएगी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि गरीब और पिछड़े वर्गों के परिवारों को ऊपर उठाने के लिए शिक्षा अति आवश्यक है। इसी कारण सरकार ने शिक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। मैं मजदूरों के हकों के लिए लड़ने वाली मजदूर यूनियनों और उनके जोश को सलाम करता हूं। उन्होंने कहा कि सरकार मजदूरों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाती रहेगी, ताकि वे प्रदेश और देश के लिए ज्यादा से ज्यादा योगदान देते रहें।

भगवंत सिंह मान करेंगे 'शुक्राना यात्रा' 

आपको बताते चलें कि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट 2026 को लागू करने हेतु शक्ति देने के लिए के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान 'शुक्राना यात्रा' करेंगे। कानून का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि हमें वाहिगुरु ने जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट 2026 को सर्वसम्मति से पारित करने की जिम्मेदारी सौंपी।

उन्होंने कहा कि इस बिल में 'बेअदबी' के लिए सख्त सजा का प्रावधान है, जो अपराध करने वालों में डर का माहौल पैदा करके ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की 'बेअदबी' प्रदेश की शांति, सद्भावना, भाईचारे की साझेदारी और सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने की गहरी साजिश थी।

सख्त कार्रवाई पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यह कानून यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को माफ नहीं किया जाएगा, जो दूसरों के लिए भी कड़ा सबक होगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं और उनकी पवित्रता सुनिश्चित करना हमारा फर्ज है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कदम के लिए खुशी और धन्यवाद जाहिर कर रहे हैं।

यात्रा क्यों है जरूरी? 

यात्रा का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि परमात्मा का धन्यवाद करने के लिए वह 6 मई को श्री आनंदपुर साहिब से शुक्राना यात्रा शुरू करेंगे, जो 9 मई तक चलेगी। इस यात्रा के दौरान तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में माथा टेककर शुक्राना किया जाएगा, जिसका एकमात्र उद्देश्य इस महत्वपूर्ण एक्ट को पारित करने के लिए सामर्थ्य और हिम्मत देने के लिए अकाल पुरख का धन्यवाद करना है।

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