गणतंत्र दिवस 2026 की तैयारी तेज, परेड से पहले दिल्ली की कई सड़कें बंद, आम लोगों के लिए बंद राष्ट्रपति भवन के दरवाजे

भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है, जिसके लिए पूरे देश में तैयारियां की जा रही हैं. साथ ही सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. 

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नई दिल्ली: भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है, जिसके लिए पूरे देश में तैयारियां की जा रही हैं. साथ ही सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं. 

इस खास मौके पर राजधानी के बीचों-बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. यातायात में बदलाव किए गए हैं और कई जगहों पर अस्थायी रोक लगाई गई है, ताकि समारोह शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो सके.

राष्ट्रपति भवन में आम लोगों का प्रवेश बंद

गणतंत्र दिवस की तैयारियों को देखते हुए राष्ट्रपति भवन के सर्किट-1 को 21 जनवरी से 29 जनवरी तक आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है. राष्ट्रपति सचिवालय ने यह फैसला सुरक्षा और परेड की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया है. यह वही मार्ग है जिससे लोग राष्ट्रपति भवन की मुख्य इमारत को देखने जाते हैं. इस दौरान यदि कोई वहां घूमने की योजना बना रहा है, तो उसे अपनी तारीख बदलनी होगी.

कर्तव्य पथ के आसपास यातायात पर रोक

दिल्ली पुलिस ने कर्तव्य पथ और उसके आसपास की सड़कों पर यातायात प्रतिबंध लागू किए हैं. 26 जनवरी को सुबह 4 बजे से इन सड़कों पर आम वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी. उत्तर दिल्ली से दक्षिण दिल्ली जाने वाले लोग मदर टेरेसा क्रिसेंट या मथुरा रोड का इस्तेमाल कर सकते हैं. पुलिस ने सभी से घर से निकलने से पहले यातायात से जुड़ी जानकारी देखने की अपील की है. जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, ताकि लोगों को रास्ता खोजने में मदद मिल सके और उन्हें किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो. 

झांकियों में दिखेगी भारत की झलक

गणतंत्र दिवस परेड का मुख्य आकर्षण झांकियां होंगी. इस साल करीब 30 झांकियां कर्तव्य पथ पर दिखाई जाएंगी. ये झांकियां भारत की संस्कृति, परंपरा और विकास को दर्शाएंगी. इस बार झांकियों के विषय 'स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम' और 'समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत' है. इनमें 17 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी, जबकि 13 झांकियां अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों की होंगी.

राज्यों की खास झलक

  • असम अपनी प्रसिद्ध कला और शिल्प के लिए जाने जाने वाले आशीराकंडी गांव को दिखाएगा.
  • गुजरात और छत्तीसगढ़ आज़ादी के संदेश को अपनी झांकियों में पेश करेंगे.
  • महाराष्ट्र गणेशोत्सव को आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में दिखाएगा.
  • पश्चिम बंगाल स्वतंत्रता संग्राम में अपने योगदान को सम्मान देगा.