बिहार शिक्षा विभाग ने लिया बड़ा फैसला 20 हजार शिक्षक को चुना गया 'सब्जेक्ट एक्सपर्ट'

बिहार सरकार 9वीं से 12वीं के डेढ़ लाख शिक्षकों में से 20 हजार सर्वश्रेष्ठ 'सब्जेक्ट एक्सपर्ट' चुनकर साथी शिक्षकों को मेंटर करेगी, ताकि शिक्षा का स्तर प्राइवेट स्कूलों जैसा बन सके।

Date Updated Last Updated : 06 August 2026, 05:27 PM IST
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Courtesy: AI Generated image

पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का ढर्रा बदलने और शिक्षा का स्तर निजी विद्यालयों के समकक्ष लाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार नौवीं से बारहवीं कक्षा के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों में से लगभग 20 हजार सर्वश्रेष्ठ विषय विशेषज्ञों की पहचान कर उन्हें 'विषय-विशेषज्ञ' मार्गदर्शक के रूप में तैयार करने जा रही है। ये चयनित शिक्षक कक्षाओं में जाकर साथी शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके को परखेंगे और जरूरत के मुताबिक उन्हें बेहतर तकनीक अपनाने में मदद करेंगे। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों का रुझान दोबारा सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ाना है। इसके साथ ही माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में खाली पड़े 20 हजार पदों पर नई नियुक्तियां भी शुरू की जा रही हैं।

बिहार के सरकारी स्कूलों की बदलेगी सूरत 

शिक्षकों के इस विशेष दल को चुनने की प्रक्रिया काफी पारदर्शी और आधुनिक रखी गई है। विभाग शिक्षकों से उनकी पढ़ाने की शैली और व्यक्तित्व को आंकने के लिए वीडियो क्लिप मांग रहा है। इसके अलावा उनके शैक्षणिक बैकग्राउंड और वार्षिक कार्य मूल्यांकन को भी चयन का आधार बनाया जाएगा। 

चयन के बाद इन शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद वे अलग-अलग स्कूलों में जाकर सह-शिक्षकों का मार्गदर्शन करेंगे। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों का रुझान दोबारा सरकारी स्कूलों की ओर बढ़ाना है।

बदलेगा क्लासरूम का माहौल

बदलते दौर में बच्चों के घटते 'अटेंशन स्पैन' को ध्यान में रखते हुए अब पढ़ाने की उबाऊ विधियों के बजाय अधिक संवादात्मक, नवोन्मेषी और व्यावहारिक तरीकों पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग में जारी दो दिवसीय 'चिंतन शिविर' में इन्हीं सुधारों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। पहले चरण में 551 मॉडल स्कूल बनाकर आधुनिक लैब और स्मार्ट क्लासरूम की नींव रखी जा चुकी है। अब दूसरे चरण में अनुशासन और समयबद्धता पर कड़ा पहरा है, जिसके तहत शिक्षकों को क्लास के दौरान मोबाइल फोन प्रधानाध्यापक के पास जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप जल्द ही शनिवार को आधे दिन की पढ़ाई की व्यवस्था पुनः लागू की जा रही है। इसके साथ ही माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में खाली पड़े 20 हजार पदों पर नई नियुक्तियां भी शुरू की जा रही हैं।

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