दिल्ली में 15 अगस्त से पहले हाई अलर्ट, आतंकी संगठनों से खतरे की आशंका

15 अगस्त से पहले खुफिया इनपुट के आधार पर दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है. लाल किले समेत पूरे शहर में पाकिस्तान समर्थित आतंकी और खालिस्तानी खतरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

Date Updated Last Updated : 06 August 2026, 03:38 PM IST
फॉलो करें:
Courtesy: AI Generated image

नई दिल्ली: 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है. खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक सख्त कर दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, संभावित विरोध प्रदर्शनों के साथ-साथ पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों और खालिस्तानी समर्थक तत्वों से जुड़े खतरे को देखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा योजना लागू की गई है.

वहीं इस बीच सबसे ज्यादा फोकस लाल किले और उसके आसपास के इलाके पर रखा गया है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को संबोधित करेंगे. इस वर्ष समारोह में करीब 24 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है, जिसे देखते हुए पूरे क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. 

12 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती 

दिल्ली पुलिस ने जानकारी दी है कि समारोह की सुरक्षा के लिए लगभग 12 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. इतना ही नहीं पुलिस के साथ विभिन्न सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भी संयुक्त रूप से निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगी. सुरक्षा को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए लाल किले के अंदर और आसपास 1,000 से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. ये कैमरे रियल टाइम निगरानी, भीड़ प्रबंधन और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने में मदद करेंगे. 

कड़ी जांच व्यवस्था की गई लागू 

इसके अलावा आयोजन स्थल पर प्रवेश के लिए कड़ी जांच व्यवस्था लागू की गई है. एंटी-सबोटाज चेकिंग, वाहनों की गहन तलाशी और सुरक्षा क्षेत्र में लगातार गश्त की व्यवस्था भी की गई है. वहीं सुरक्षा ड्यूटी में क्विक रिएक्शन टीम (QRT), स्वाट कमांडो, स्नाइपर, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को भी तैनात किया जाएगा. 

सिर्फ लाल किला ही नहीं, बल्कि राजधानी के प्रमुख सरकारी भवनों, संवेदनशील इलाकों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस का कहना है कि पूरे शहर में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. 

अंतरराज्यीय समन्वय बैठक

इसी बीच दिल्ली पुलिस मुख्यालय में पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की अध्यक्षता में एक अंतरराज्यीय समन्वय बैठक भी आयोजित की गई. इसमें हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ केंद्रीय खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. 

बैठक में खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, आतंकवाद विरोधी तैयारियों, सीमाओं पर सघन जांच, संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन और विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई. अधिकारियों का कहना है कि उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस समारोह को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराना है. 

सम्बंधित खबर